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प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की अंगौछे से गला कसकर हत्या, कई और राज भी खुले

Mon, 30 Oct 2017 05:36 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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पुलिस हिरासत में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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 19 अक्टूबर की रात घर के बाहर सोते समय एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। शव को बाग में फेंक दिया था।
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चकलवंशी (उन्नाव)। आसीवन थानाक्षेत्र के गांव मुंशीखेड़ा में नौ दिन पहले हुई युवक की हत्या पत्नी ने प्रेमी व तीन अन्य साथियों के साथ की थी। घर में सोते समय अंगौछे से गला कसकर हत्या कर दी गई थी। शव गांव के बाहर बाग में फेंक दिया था। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी व हत्या में शामिल तीन अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 
    कनिगांव निवासी गब्बर (24) का शव 20 अक्टूबर को गांव के ही संजय के बाग में मिला था। गब्बर का अंगौछे से गला कसा गया था। मृतक की पत्नी मनकीया उर्फ ममता ने पति की हत्या का मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया था। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में हत्या का खुलासा करते हुए सीओ बांगरमऊ अमरीश सिंह भदौरिया ने बताया कि मनकीया की भूमिका संदिग्ध देखते हुए उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया। इससे जानकारी हुई कि मनकीया के संबंध बांगरमऊ के जोगीकोट निवासी नूर आलम उर्फ कल्लू  से हैं।
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  इन दोनों ने गब्बर की हत्या करने की योजना बनाई थी। इन्होंने औरास के दयालखेड़ा निवासी राजेंद्र यादव, बांगरमऊ के जोगीकोट निवासी अतीक अहमद व चकपीरनगर निवासी सूरजपाल से संपर्क किया। मनकीया ने इनके साथ मिलकर गब्बर की 19 अक्टूबर की रात घर के बाहर सोते समय गला कसकर हत्या कर दी। शव बाग में फेंक दिया। मुखबिर की सूचना पर सभी आरोपियों को पहुसरा तिराहे से गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयोग की गई बाइक, चार मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड, दो पहचान पत्र, एक सिमकार्ड के अलावा 14 हजार रुपये बरामद किए गए। 
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प्रेमिका के पति की हत्या के लिए दी थी सुपारी 
एसओ दिनेशचंद्र मिश्रा ने बताया कि गब्बर की पत्नी मनकीया ने प्रेमी नूर आलम से पति को रास्ते से हटाने के लिए कहा था। नूर आलम ने बांगरमऊ के जोगीकोट निवासी अतीक अहमद से मुलाकात की। अतीक ने नूर आलम को औरास के दयालखेड़ा निवासी राजेंद्र यादव से मिलवाया। राजेंद्र ने 1,65,000 की सुपारी ली थी। इसमें 81,500 रुपये दिए जा चुके थे। पहुसरा चौराहे पर सभी भागने की फिराक में खड़े थे। तभी पकड़ लिया गया।



 
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