जीआरपी प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि वीरेंद्र ने गुड़िया की हत्या का जुर्म कबूल लिया। पूछताछ के दौरान उसके चेहरे पर किसी तरह का डर और पछतावा नजर नहीं आया। उसने मुंबई के घाटकोपर स्थित घर से निकलने से लेकर गुड़िया की हत्या तक की कहानी सिलसिलेवार बयां कर दी। वीरेंद्र के अपनी भाभी रीना और गुड़िया के परिवार के एक करीबी से रिश्तों की बात भी सामने आई हैं। इन बिन्दुओं पर भी जांच की जा रही है।
गुड़िया शेषराम की इकलौती बेटी थी। खेतीबाड़ी करने वाले शेषराम के चार बेटे हैं। सभी प्राइवेट नौकरी करते हैं। शेषराम ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी में हैसियत से ज्यादा खर्च किया था। बाद में बुलेट की मांग पूरी नहीं कर सके तो वीरेंद्र ने गुड़िया की हत्या कर दी। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद मायके और ससुराल वाले गुड़िया का शव अंतिम संस्कार के लिए सिद्धार्थ नगर लेकर चले गए।
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