कानपुर। प्रेमी के साथ मिलकर पति को जहर देकर मार डालने और बिना किसी को बताए शव का अंतिम संस्कार कर देने के मामले में अपर जिला जज 20 नीलांजना ने पत्नी और प्रेमी को हत्या का दोषी करार दे दिया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 16 जनवरी की तारीख तय की है।
किदवईनगर वाई ब्लॉक निवासी पुनीत कुमार शर्मा ने नौबस्ता थाने में 21 मार्च 2024 को अपने बेटे प्रतीक, बहू नेहा व पौत्र पांच वर्षीय मान्या व तीन वर्षीय अभिराज की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि नेहा छह मार्च को प्रतीक व बच्चों को साथ लेकर मायके फैजाबाद गई थी। 12 मार्च को नेहा बच्चों के साथ लौटी। प्रतीक के बारे में पूछने पर बताया कि बाराबंकी में गाड़ी खराब हो गई थी। वह दो-तीन दिन बाद लौटेगा। प्रतीक को फोन करने पर मोबाइल बंद था। 16 मार्च को नेहा बच्चे को दवाई दिलाने का बहाना बनाकर दोनों बच्चों को साथ लेकर गई लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि नेहा ने अपने प्रेमी व प्रतीक के दोस्त आवास विकास नौबस्ता निवासी आयुष शर्मा के साथ मिलकर साजिश के तहत प्रतीक को लखनऊ के होटल में शराब में जहर मिलाकर पिलाया जिससे उसकी मौत हो गई। पिता को बिना बताए लखनऊ में ही प्रतीक का अंंतिम संस्कार भी कर दिया था। पुलिस ने नेहा और आयुष को गिरफ्तार कर 17 अप्रैल 2024 को जेल भेजा था। अभियोजन की ओर से मृतक के पिता व बेटी समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पत्नी नेहा और उसके प्रेमी आयुष को दोषी करार दे दिया है।