कानपुर देहात। गजनेर थाना क्षेत्र के जफराबाद में महिला की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय पारुल श्रीवास्तव की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी की दो बहनों को तीन-तीन साल की सजा से दंडित किया। सभी पर अलग-अलग जुर्माना लगाया है।
गजनेर क्षेत्र के पेराजोर निवासी अर्जुन सिंह ने वर्ष 2009 में पुलिस को बताया था कि उसने अपनी पुत्री मधु उर्फ गुड़िया की शादी मई 2001 में जफराबाद निवासी धीरेंद्र सिंह से की थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ससुरालीजन बेटी को मारपीट कर प्रताड़ित करते थे। उसे घर से निकाल भी दिया था। रिश्तेदारों के समझाने पर वह ससुराल में गई। इस बीच नौ जनवरी 2009 को ससुरालियों ने बेटी को मारपीट कर जहर खिला दिया। गांव वालों ने फोन कर घटना की जानकारी दी, जब वह पहुंचा तो बेटी को अस्पताल ले जाने की जानकारी हुई। उपचार के दौरान बेटी की मौत हो गई।
एडीजीसी ने बताया कि इस मामले में विवेचक ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी जांच हुई तो आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला आया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने बचाव व अभियोजन की दलील और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति धीरेंद्र को दोष सिद्ध करते हुए सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 27 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वहीं आरोपी ननद गुड्डी व रेनू देवी को तीन-तीन साल की सजा व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।