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Kanpur News: पत्नी की फावड़ा से हत्या करने में पति को उम्रकैद

Fri, 26 Jun 2026 01:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। कानपुर नगर के ककवन थाना क्षेत्र के भिंडा निवादा में जून 2025 में खाना बनाने के दौरान हुए विवाद में पति ने पत्नी पर फावड़ा से हमला कर हत्या कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे-5 की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने सजा के बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर अर्थदंड भी लगाया है।
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शिवराजपुर थाना क्षेत्र के चिरंजीपुरवा निवासी प्रताप नारायण ने 13 जून 2025 को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि उसने बेटी रूबी की शादी करीब 12 साल पहले ककवन के मिंडा निवादा निवासी बरातीलाल उर्फ शैलेंद्र के साथ की थी। बरातीलाल अक्सर ही उनकी बेटी को परेशान करता था और 12 जून 2025 की शाम खाना बनाने को लेकर हुए विवाद के बाद उसने बेटी के गले में फावड़ा से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रूबी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवराजपुर भर्ती कराया गया जहां इमरजेंसी में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले में तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही विवेचना करते हुए एक अगस्त 2025 को आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। इस मामले की सुनवाई एडीजे-5 पूनम सिंह की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने अभियुक्त को रंजिशन फंसाने का तर्क दिया, जिसका अभियोजन ने विरोध किया। इसके साथ ही गवाहों के बयान व साक्ष्यों का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त बरातीलाल उर्फ शैलेंद्र को दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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पिता को सजा दिलाने में बेटी की गवाही रही अहम
रूबी की हत्या के मामले में पुलिस ने 21 गवाह बनाए थे। अभियोजन पक्ष ने छह गवाह अदालत में पेश किए। एडीजीसी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि मृतका की नौ वर्षीय पुत्री ज्योति की गवाही अहम मानी गई। उसने अपनी गवाही में अदालत को बताया कि 12 जून की शाम सभी घर पर थे। रात का समय था। वह सुबह का रखा खाना खा रही थी। इसी बीच मां से खाना बनाने को लेकर पिता का विवाद होने लगा। पिता ने फावड़ा लेकर मां के ऊपर कई बार वार कर दिया। मां के खून निकलने और बेहोश होने पर उसने पड़ोस में रहने वाले राजू बाबा को बताया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसने नाना, नानी को फोन कर जानकारी दी। एडीजीसी ने बताया कि बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा बचाव में 11 गवाह पेश करने का प्रार्थना पत्र दिया गया। इस गवाहों को समन तामील कराए गए। सिर्फ एक ने गवाही दी, शेष गवाहाें ने गवाही नहीं दी। इस तरह बेटी की गवाही को अदालत ने अहम माना।
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