कानपुर देहात। रूरा थाना क्षेत्र के सराय गढ़ेवा में महिला की जलकर मौत हो गई थी। घटना को दर्ज दहेज हत्या के मामले की सुनवाई एडीजे सात की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को अदालत ने पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इटावा के लखना निवासी उमेश चंद्र बाथम ने रूरा थाना पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि बहन गिरजा उर्फ रिचा का विवाह सराय गढ़ेवा निवासी संतोष कुमार के साथ फरवरी 2012 में किया था। शादी में क्षमता के अनुसार दान दहेज भी दिया, लेकिन इसके बाद भी ससुराली जन संतुष्ट नहीं थे और बहन को प्रताड़ित करते थे। जिस पर बहन के ससुराल पिता व वह लोग गए थे और उन्हें समझाया था। इससे कुछ दिन वह लोग शांत रहे और फिर से बहन को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
बहन को लगातार प्रताड़ित किए जाने से पिता राम अवतार दुखी रहते थे और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। वहीं 10 फरवरी 2014 को पिता की मौत हो गई। लेकिन इसके बाद भी बहन गिरजा उर्फ रिचा को उसके पति, सास ससुर ने परेशान करना बंद नहीं किया। 24 अगस्त 2016 को ससुराली जन ने बहन को जलाकर हत्या कर दी।
मामले में भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति संतोष कुमार, सास कृष्णा देवी व ससुर भगवानदीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई एडीजे सात में चल रही थी। मंगलवार को मामले में सुनवाई के दौरान बचाव व अभियोजन में बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी पति संतोष कुमार को दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अन्य आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। दोषी पति को जेल भेजा गया है।