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पत्नी बोली...तुझे देख लूंगी, धमकी बन गई मौत, मां के इन शब्दों को सुन सब फफक-फफककर रोने लगे

Sat, 22 Dec 2018 09:36 AM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मृतक की फाइल फोटो,  बुजुर्ग मां - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के औरैया जिले में भरण-पोषण के मुकदमे में कोर्ट से हक में फैसला आने के बाद कानपुर से औरैया पहुंची पत्नी की धमकी के बाद युवक ने रात को जहर खाकर जान दे दी। तलाक का मुकदमा अभी चल रहा है। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जरूहौलिया की है। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 
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ग्राम जरूहौलिया निवासी जय प्रकाश उर्फ लाला शर्मा (35) मेवालाल ने गुरुवार की रात जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी सुबह बुजुर्ग मां बसंती (75) को तब हुई, जब बेटे को कई बार जगाने के लिए उठाने पर भी वह बोला नहीं। ग्रामीणों ने गांव के ही प्राइवेट डॉक्टर को बुलाया तो उसने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर सीओ सिटी श्यौदान सिंह, कोतवाली इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला, एसआई अशोक पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों से पूछताछ की। 

 

सीमा ने जय प्रकाश को देख लेने की धमकी दी थी

जांच पड़ताल करती कोतवाली पुलिस व मौजूद सीओ सिटी  - फोटो : अमर उजाला
जय प्रकाश के भाई जय नरायन ने बताया कि उसके भाई की शादी करीब 12 साल पहले कानपुर क्षेत्र के दहेली सुजानपुर निवासी सीमा से हुई थी। शादी के एक माह बाद ही पत्नी जय प्रकाश को छोड़कर मायके चली गई। तब से वापस नहीं लौटी। इतना ही नहीं उसने जय प्रकाश पर तलाक का मुकदमा कर दिया। मुकदमा अभी चल रहा है। दो दिन पहले कोर्ट की ओर से सीमा के पक्ष में आदेश जारी हुआ। इसमें मृतक को अपनी पत्नी को भरण-पोषण के लिए तीन लाख 60 हजार रुपये देने का नोटिस जारी किया गया था।

ग्रामीणों के मुताबिक, परिजनों के साथ सीमा व कानपुर तहसील के कर्मचारी गुरुवार की शाम को गांव आए थे। सीमा ने जय प्रकाश को एक जनवरी तक उक्त धनराशि जमा न करने पर देख लेने की धमकी दी थी। बताया कि मृतक मजदूरी करके अपना व साथ रह रही मां का भरण पोषण करता था। ऐसे में इतनी अधिक धनराशि वह कहां से दे पाता। इसी बात से परेशान होकर युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। 
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नहीं पता लाल ने का खाओ... 

रोते-बिलखते परिजन  - फोटो : अमर उजाला
जवान बेटे के शव के पास बूढ़ी मां आंसूओं को पोंछने में लगी हुई थी। पूछने पर बताया कि शाम को दोनों ने साथ खाना खाया और फिर सो गए। बोलीं- लेकिन सुबह लाल उठो नहीं। पता नहीं लाल ने का खाओ। बताया कि उनके तीन पुत्र थे। जिसमें सबसे छोटा ही लाला उन्हें साथ में रखता था। शेष दोनों अलग-अलग रहते हैं। रोती हुई बोलीं- अब कोई दूसरा सहारा नहीं दिख रहा।  

पांच माह पहले ही हुई थी मृतक के पिता की मौत 
ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक जय प्रकाश सीधा-साथा व्यक्ति था। पांच माह पहले ही उसके पिता मेवालाल की मौत हुई थी। उसी ने उनका अंतिम संस्कार किया था। 
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