इसी मकान के ग्राउंड फ्लोर में रहने वाले राम बिहारी यादव ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात इकलौते बेटे दीपक ने परिवार के साथ खाना खाया। इसके बाद दीपक पत्नी और बच्चों के साथ प्रथम तल में बने कमरे में सोने के लिए चला गया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे दीपक ने लोहे की रॉड से हमला कर पत्नी और बच्चों को मरणासन्न कर दिया।
इसके बाद वह कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके घर से भागा और हरदुआ पुल के पास ट्रक के आगे कूदकर जान दे दी। इधर, दीपक को घर से भागता देखकर उसकी मां संतोषी को अनहोनी का शक हुआ। वह किरायेदारों के साथ दीपक के कमरे में पहुंचीं। दरवाजा खोलकर भीतर गई, तो बहू और पोतों को लहूलुहान हालत में देख चीख पड़ी।
बकौल राम बिहारी वह घायल बहू और पोतों को सीएचसी ले गए। अस्पताल में डॉक्टर ने रश्मि को मृत घोषित कर दिया। दोनों की हालत नाजुक देखकर हैलट कानपुर नगर रेफर कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि दीपक और रश्मि के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दीपक के माता-पिता और आसपास के लोगों से पूछताछ में रश्मि की हत्या और दीपक के खुदकुशी करने की ठोस वजह सामने नहीं आई है। हत्या में प्रयुक्त रॉड बरामद कर मामले की जांच की जा रही है।
पत्नी की हत्या कर खुदकुशी करने वाले दीपक यादव मानसिक रोगी था। उसका कानपुर नगर के एक मानसिक चिकित्सक से इलाज भी चल रहा था। दीपक मर्चेंट नेवी में अफसर था। मानसिक तनाव के चलते उसने नौकरी छोड़ दी थी। बाकी मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। कोई तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अनुराग वत्स, एसपी, कानपुर देहात