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औरैया: पति-पत्नी ने एक साथ तोड़ा दम, हर आंख हुई नम, आग तापते समय दंपती की थम गई सांसें

Sun, 02 Jan 2022 06:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

औरैया जिले में दंपती की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
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दंपती की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शादी के मंडप में सात फेरे लेते हुए हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देने व सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। अपने वादों को 55 सालों से अधिक समय तक दंपती ने पूरी ईमानदारी से निभाया और रविवार सुबह एक ही साथ दुनिया को अलविदा कह गए।
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यह देख हर आंख नम हो गई। यह कोई फिल्म की कहानी नहीं बल्कि औरैया के अल्छदा थाना क्षेत्र के ग्वारी गांव निवासी बुजुर्ग दंपती की हकीकत है। गांव में रविवार सुबह दंपती ने एक साथ दम तोड़ा और परिजनों ने उनका एक ही साथ अंतिम संस्कार किया।

ग्वारी गांव निवासी बाबूराम (72) किसान थे। इनकी पत्नी कमला देवी (70) भी काम में पति का हाथ बटांती थीं। दंपती का एक बेटा रामशंकर व दो शादीशुदा बेटियां हैं। रामशंकर ने बताया कि शनिवार रात को माता-पिता खाना खा कर सो गए थे। रविवार सुबह माता-पिता उठे और घर के बरामदें में जल रही आग के पास बैठ गए।
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इसी दौरान मां की अचानक तबीयत खराब हो गई। पिता उनको संभालने का प्रयास करने लगे। तभी उनकी भी दस मिनट के अंतराल में तबीयत बिगड़ गई। उसकी पत्नी बरामदें में पहुंची और मां-पिता को अचेत अवस्था में पड़ा देख पड़ोसी को मदद की पुकार लगाई।

सूचना पर आए गांव के डॉक्टर ने बुजुर्ग दंपती को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दोनों की मौत की जानकारी पर परिजनों व ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बेटे ने बताया कि मां की तबीयत खराब रहती थी और पिता को अस्थमा की बीमारी थी। सर्दी में अक्सर दोनों की तबीयत खराब हो जाती थी। इस बार दोनों का साया एक साथ सिर से उठ जाएगा ये मालूम न था। यह कहते ही वह फूट-फूटकर रोने लगे। मौत कैसे हुई इसकी जानकारी नहीं है।
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बहू से मांगी थी चाय
रामशंकर ने बताया कि माता-पिता सोकर उठे थे और पत्नी से चाय बनाने को बोला था। पत्नी ने चाय गैस चूल्हे में चढ़ा दी थी। चाय पूरी तरह से बन भी नहीं पाई थी कि पहले मां व उसके बाद पिता की तबीयत खराब होने की वजह से उनकी सांसे थम गई थी।

चिता पर रखे गए दोनों के शव अगल-बगल
बाबूराम व कमला देवी की एक  साथ मौत होने के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने उनके प्रेम को काफी सम्मान दिया। परिजनों व ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए दोनों के शव अगल-बगल ही रखे। इसके बाद दोनों बुजुर्ग को उनको मुख्याग्रि दी। ग्रामीणों के मुताबिक दंपती हमेशा प्रेमपूर्वक जीवन यापन करते थे।
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