कानपुर। अब तक आयकर ऑडिट रिपोर्ट की तिथि न बढ़ने से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के सामने कई समस्याएं हैं। 14 दिन में ऑडिट प्रक्रिया न होने का हवाला देकर करदाताओं को पत्र भी भेजा जा रहा है। वहीं ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की तिथि बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट में याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं। अगले दो से तीन दिन में इन पर सुनवाई होनी है।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव अमन घई ने बताया कि एक करोड़ से अधिक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर तक आयकर के पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। रिटर्न 31 अक्तूबर तक दाखिल करना होता है। कानपुर समेत प्रदेश भर के उद्यमियों को सीए पत्र भेज रहे हैं। इसमें कहा जा रहा है कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि निकट आई तो 11 सितंबर से पोर्टल पर पूरे देश में समस्या आ गई।
इसके बावजूद सरकार ने राहत न देते हुए अंतिम तिथि 16 सितंबर ही रखी। प्रति वर्ष आईटीआर और ऑडिट में दो महीने का अंतर होता था। इस वर्ष केवल 14 दिनों का ही अंतर है। इस अवधि में 365 दिन का हिसाब सत्यापन और अन्य प्रक्रिया करते हुए ऑडिट करना असंभव है।
दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के सदस्य सीए अंकुर गोयल ने बताया कि पहले रिटर्न दाखिल करने की तिथि 31 जुलाई थी जिसे बढ़ाकर पहले 15 और फिर 16 सितंबर किया गया। ऑडिट रिपोर्ट दाखिल न होने पर टर्नओवर का आधा प्रतिशत या 1.50 लाख रुपये पेनाल्टी का प्रावधान है। राजस्थान, हरियाणा हाईकोर्ट में तिथि बढ़ाने के संबंध में याचिकाएं दाखिल हुई हैं। दो या तीन दिन में सुनवाई होनी है।