जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हुए आतंकी हमले के दौरान देश पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद कैप्टन आयुष यादव का शनिवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर आए लोगों की बीच 'यादव' चर्चा बेहद गरम रही...
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कैप्टन आयुष यादव की तस्वीर के सामने हाथ जोड़े खड़ा बच्चा
- फोटो : राहुल शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
जाजमऊ के सिद्धनाथ घाट पर शनिवार सवेरे शहीद आयुष के क्रियाक्रम के दौरान लोगों ये कहते सुने गए कि सीएम योगी आदित्यनाथ न तो शहीद के परिजनों से मिलने पहुंंचे और न ही उनके अंतिम संस्कार पर आए।
कैप्टन आयुष यादव के घर पहुंचे आयुष यादव
बता दें यादव चर्चा शुरु हुई थी शुक्रवार से... पूर्व सीएम अखिलेश यादव जब शहीद आयुष के घर उनके परिजनों से मिलने पहुंचे थे तब ऐसा माहौल कायम हो गया था। अखिलेश यादव के वहां पहुंचते ही बाहर मौजूद लोगों ने 'यादव' चर्चा शुरू कर दी।
कैप्टन आयुष यादव पंचतत्व में विलीन
- फोटो : ओपी वाधवानी, अमर उजाला, कानपुर
लगातार दो दिन ये चर्चा यूं ही जारी रही। लेकिन शनिवार को जब कैप्टन आयुष का शव पंचतत्व में विलीन हो गया तो इन चर्चाओं पर विराम लग गया। एक बात तो साफ है लोगों ने शहीद को भी धर्म, मजहब, जातिवाद के चश्मे से देखना शुरू कर दिया है।
गौरतलब हो सपा पार्टी को यादवों का पक्षधर माना जाता है। इसलिए कैप्टन आयुष यादव की मौत पर भी ये चर्चाएं गर्म हुई। वहीं योगी के इस मौके पर न आने के कयास भी लोागों ने यादव जात से ही जोड़कर लगाए हैं।