कानपुर। महिला कल्याण विभाग की पहल पर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए 500 बेड क्षमता का श्रमजीवी हॉस्टल बनाया जाएगा। इस पर करीब 47.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें फैक्टरी, कार्पोरेट कार्यालयों व निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं व युवतियों रह सकेंगी। शासन ने इस संबंध में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को आदेश जारी किया है। डीएम ने चारों तहसीलों के एसडीएम को पत्र भेजकर जमीन तलाशने के निर्देश दिए हैं।
महिला कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कानपुर, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी और आगरा के डीएम एवं मंडलायुक्त को पत्र भेजा है। इसमें छात्रावास के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके निर्माण के लिए 6640 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता होगी। औद्योगिक क्षेत्र, ज्यादा कंपनियों वाले इलाकों एवं अन्य निजी कार्यालयों के नजदीक के क्षेत्रों में हॉस्टल बनाने की तैयारी है।
पहले चरण में सात जिलों में जमीन तलाशने का काम किया जा रहा है। इसके लिए शासन ने कुल 334.25 करोड़ रुपये की धनराशि तय की है। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के एसडीएम को पत्र लिखकर जमीन तलाशने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि शहर के समीप जहां पर जगह उपलब्ध होगी, वहां हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। हॉस्टल के संचालन की जिम्मेदारी महिला कल्याण विभाग के पास रहेगी। महिला सशक्तीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सस्ती दरों पर कामकाजी महिलाओं को रहने की सुविधा प्रदान कराई जाएगी।
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प्रमुख सचिव की तरफ से जिलाधिकारी को पत्र आया था। जमीन के लिए सभी एसडीएम को एडीएम वित्त राजेश कुमार की तरफ से पत्र जारी किया गया है। हॉस्टल का 47 करोड़ रुपये से निर्माण होगा। इसके संचालन की जिम्मेदारी महिला कल्याण विभाग के पास रहेगी। -जयदीप, जिला प्रोबेशन अधिकारी