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बिटक्वाइन में फिरौती: हॉस्पिटल का सर्वर हैक कर चुराया डाटा, बोले- रकम भेजो…हम ईमानदारी से काम करते हैं

Sun, 23 Mar 2025 06:26 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सेंट्रल जोन के के साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक साइबर अपराधी व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे टॉक्स मैसेंजर का इस्तेमाल करते हैं। अस्पताल को भेजी मेल में हैकर ने लिंक ओपन करके टॉक्स मैसेंजर पर आईडी बनाने के लिए कहा है। इसके साथ ही एक लिंक अपनी टॉक्स आईडी का भेजा है।
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बिटक्वाइन (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कानपुर में किसी व्यापारिक प्रतिष्ठान का दो साल का डाटा हैक कर साइबर ठगों के बिटक्वाइन में फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। शातिरों ने काकादेव स्थित एक निजी अस्पताल का सर्वर हैक कर दो साल का डाटा उड़ा दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को ई-मेल कर डाटा रिलीज करने के लिए बिटक्वाइन में फिरौती की मांग की।

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प्रबंधन की शिकायत पर डीसीपी सेंट्रल की साइबर सेल जांच कर रही है। काकादेव स्थित एक निजी अस्पताल के प्रबंधन को 19 मार्च को एक ई-मेल मिली। इसमें एक लिंक था। इस लिंक को आईटी सेक्शन के कर्मी ने क्लिक कर दिया, जिसके बाद अस्पताल का दो साल का डाटा महज 20 सेकेंड के अंदर ही हैकर की मेल पर ट्रांसफर हो गया।

डाटा या तो बेच देगा या पब्लिक कर देगा
साइबर अपराधियों ने डाटा वापस करने के एवज में मेल के जरिए बिटक्वाइन में फिरौती की मांग की। गिटहब डॉट कॉम से भेजी गई धमकी भरी ई-मेल में हैकर ने लिखा कि पेमेंट न करने पर पूरा डाटा या तो बेच देगा या पब्लिक कर देगा। ये भी लिखा कि हम ईमानदारी से काम करते है, अगर भुगतान कर देंगे तो डाटा और सॉफ्टवेयर की जानकारी हम अपने सर्वर से हटा देंगे।

प्रबंधन ने सेंट्रल जोन के साइबर सेल से संपर्क किया
हैकर्स ने 24 घंटे के अंदर ही संपर्क करने की बात कही है। सारी शर्तें मानने पर दो ई-मेल आईडी भेजकर संपर्क करने की बात कही। अस्पताल प्रबंधन ने सेंट्रल जोन के साइबर सेल से संपर्क किया। डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। साइबर सेल की मदद से मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही साइबर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

टॉक्स मैसेंजर का इस्तेमाल करते हैं ठग
सेंट्रल जोन के के साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक साइबर अपराधी व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे टॉक्स मैसेंजर का इस्तेमाल करते हैं। अस्पताल को भेजी मेल में हैकर ने लिंक ओपन करके टॉक्स मैसेंजर पर आईडी बनाने के लिए कहा है। इसके साथ ही एक लिंक अपनी टॉक्स आईडी का भेजा है। डिजिटल करेंसी (बिटक्वाइन) खरदीने के बाद इसी मैसेंजर पर उसका लिंक भेजने के लिए मेल पर लिखा है।
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वॉलेट बनाने में करेंगे मदद
साइबर अपराधियों ने अपने मेल में यह भी लिखा है कि अगर आप पहली बार बिटक्वाइन प्रयोग कर रहे हैं तो वह खरीदने और वॉलेट बनाने में मदद करेंगे।
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