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हॉस्पिटल पहुंची खुफिया, डॉक्टरों के होश उड़े

Sat, 19 Aug 2017 11:57 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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सरकारी अस्पतालों के प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले, नर्सिंगहोम चलाने वाले, मरीजों से सही व्यवहार न करने वाले डॉक्टरों की खुफिया जांच तेज हो गई है। सरकारी अस्पतालों से 16 बिंदुओं पर ऐसे डॉक्टरों का ब्यौरा मांगा गया है। खुफिया विभाग के मंडलाधिकारी रामखिलावन की तरफ से 17 अगस्त को सर्वोच्च प्राथमिकता पर जारी पत्र संख्या जेडओ-1/विविध के माध्यम से हैलट, उर्सला सहित अन्य सरकारी अस्पतालों से जानकारियां मांगी गई हैं।
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खुफिया विभाग ने शनिवार को प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले, नर्सिंगहोम चलाने वाले, किसी खास पैथालॉजी से मरीजों की जांचें कराने वाले सरकारी डॉक्टरों का ब्यौरा इकट्ठा करना भी शुरू कर दिया है।कानपुर के कॉर्डियोलॉजी और हैलट से ऐसे डॉक्टरों की जानकारी जुटाई। उर्सला सहित अन्य सरकारी अस्पतालों से भी डॉक्टरों का ब्यौरा मांगा है। कॉर्डियोलॉजी के निदेशक ने खुफिया विभाग की तरफ से जानकारी जुटाए जाने की पुष्टि की है। 
 

संलिप्तता की स्थिति पर टिप्पणी मांगी गई है

डेमो पिक
सरकार ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की खुफिया जांच शुरू कराई है। शनिवार को खुफिया विभाग की टीम कॉर्डियॉलाजी पहुंची, वहां छानबीन करने के साथ ही निदेशक डॉ.विनय कृष्णा से टीम के सदस्य मिले। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय वाजपेयी से संस्थान में तैनात सभी 18 वरिष्ठ डॉक्टरों (कंसलटेंट) का ब्यौरा जुटाया। उन्हें यह भी बताया गया कि संस्थान में कंसल्टेंट के 35 पद हैं, जिनमें से 17 पद खाली हैं। खुफिया विभाग ने जीएसवीएम मेडिकल कालेज और हैलट में तैनात डॉक्टरों का ब्यौरा जुटाना भी शुरू कर दिया है। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी गुप्ता से मिलकर डॉक्टरों की जानकारी मांगी। डॉ. गुप्ता ने बताया कि जानकारी जुटाई जा रही है। इसी तरह उर्सला, डफरिन, केपीएम, कांशीराम सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की जानकारी ली जा रही है। अस्पताल निर्माण, स्टैंड, सामग्री, उपकरणों की आपूर्ति में माफिया, गुंडों, अराजकतत्वों की संलिप्तता की स्थिति पर टिप्पणी मांगी गई है। जांच अधिकारी या सूचनाधिकारी की चिकित्सालय में स्थिति, जनता का मत भी पूछा गया है।
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ये जानकारियां मांगी गईं

डेमो पिक
- अस्पताल के चिकित्सकों की उपलब्धता एवं उनके द्वारा निर्धारित अवधि में चिकित्सालय में बैठने/ इमरजेंसी के समय ड्यूटी पर उपस्थित रहने की जानकारी तथा डॉक्टर/नर्सिंग/ टेकभनीशियन स्टाफ की उपलब्धता और उनकी कार्यप्रणाली।
-अस्पताल में नियुक्त किन-किन डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस की जा रही है। उनके स्वयं या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर नर्सिंग होम या क्लीनिक तो नहीं है।
- सामान्य तौर पर डॉक्टरों की कार्यक्षमता/कार्यप्रणाली व अक्षम, खराब कार्यप्रणाली, मरीजों से ठीक प्रकार से व्यवहार न करने वालों का विवरण।
- अस्पताल में जीवन रक्षक, परीक्षण से संबंधित उपलब्धता व उनकी क्रियाशीलता।
- पैथालॉजी टेस्ट अस्पताल में ही होते हैं या डॉक्टरों द्वारा बाहर से कराए जाते हैं तथा बाहर किसी विशेष सेंटर पर ही तो नहीं भेजा जाता है।
- आईसीयू/सीसी आदि अन्य स्पेशलाइज यूनिट की उपलब्धता और उनकी क्रियाशीलता ब्लड बैंक की उपलब्धता, क्रियाशीलता व उनकी कार्यप्रणाली (पेशेवर डॉक्टर) के संबंध में भी जानकारी कर ली जाए।
- ओटी की स्थिति और कार्यप्रणाली, चिकित्सालय परिसर व वार्डों की साफ-सफाई, भोजनालय व शौचालय की साफ-सफाई स्थिति, मरीजों को दिए जानेवाले निशुल्क भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और एंबुलेंस की उपलब्धता और क्रियाशीलता
- दवा की उपलब्धता और वितरण में कोई अनियमितता तो नहीं है
- विद्युत, जल और ऑक्सीजन आपूर्ति और अन्य इसी प्रकार की आपूर्ति और उपलब्धता की स्थिति।
- आकस्मिक महामारी, डेंगू स्वाइन फ्लू, इंसेफ्लाइटिस के मरीजों की भर्ती और उनके इलाज की व्यवस्था
- महत्वपूर्ण पदों पर आसीन जैसे प्रिंसिपल, अधीक्षक, डॉक्टरों की सामान्य छवि एवं उपलब्धता के संबंध में टिप्पणी।
- चिकित्सालय के निर्माण, स्टैंड, सामग्री, उपकरणों की आपूर्ति जैसे कार्य में माफिया, गुंडा, अराजक तत्वों की संलिप्तता की स्थिति के संबंध में टिप्पणी।
- जांच/सूचना संकलन अधिकारी का चिकित्सालय की स्थिति पर मंतव्य/ टिप्पणी।
- अस्पताल की सेवाओं व संबंध में जनता का मत।
​- उपरोक्त के अतिरिक्त यदि कोई महत्वपूर्ण सूचना हो तो अपने विवेक से इसका उल्लेख किया जाए।
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