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हर महीने तैयार होगी 10 व्यापारियों की कुंडली, राजस्व बढ़ोतरी के लिए स्टेट जीएसटी करा रहा तैयारी

Sat, 12 Sep 2020 03:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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टैक्स - फोटो : pixabay
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राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग राजस्व बढ़ोतरी के लिए अब सर्च और सर्वे की तैयारियों में जुटा है। राज्य मुख्यालय से आयुक्त अमृता सोनी ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक जोन हर महीने अपने यहां के 10 व्यापारियों की कुंडली तैयार करेगा। ये व्यापारी अलग-अलग टर्नओवर के होंगे। डाटा विश्लेषण के बाद हर महीने चार से पांच व्यापारियों के प्रतिष्ठान पर सर्च या सर्वे प्रस्तावित किया जाएगा। कोरोना काल में विभाग की गतिविधियां बढ़ाने के लिए नए सिरे से गाइडलाइन जारी हुई है।  
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इस आधार पर बनेगी कुंडली 
कम से कम तीन पैरामीटर पर रेड फ्लैग पाने वाले, एमआईएस रिपोर्ट में जिसका रिस्क स्कोर सात प्वाइंट से अधिक हो, जिनके मासिक टर्नओवर में अप्रत्याशित कमी हुई हो, कर की देयता हमेशा आईटीसी से समायोजित की हो, अथवा टैक्स बहुत कम जमा किया जाता हो। इसके अलावा स्थानीय इनपुट से प्राप्त सूचना के आधार पर टैक्स चोरी में लिप्त व्यापारी।  

ऐसे चुने जाएंगे व्यापारी 
जिन 10 व्यापारियों की कुंडली तैयार की जानी है, उनके चयन के लिए टर्नओवर के मुताबिक संख्या का मानक तय किया गया है। इसमें 10 करोड़ से अधिक सालाना टर्नओवर वाले पांच व्यापारी, पांच से 10 करोड़ तक के तीन व्यापारी, डेढ़ से पांच करोड़ तक के एक व्यापारी व डेढ़ करोड़ से कम सालाना टर्नओवर वाले एक व्यापारी को चुना जाएगा। 
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ऐसे काम करेंगे अफसर
टैक्स चोरी रोकने व पकड़ने के लिए विशेष अनुसंधान शाखा के अधिकारी 10 व्यापारियों का डाटा विश्लेषण के साथ उनकी व्यापारिक गतिविधियों की रेकी करेंगे। गोपनीय सूचनाएं जुटाएंगे। प्रति माह शीर्ष प्राथमिकता वाले दो व्यापारियों के प्रतिष्ठानों की तलाशी के लिए एसआईबी माड्यूल पर केस प्रोफाइल दाखिल करेंगे। ज्वांइट कमिश्नर प्रत्येक तीन महीने में और एडिशनल कमिश्नर प्रत्येक छह महीने में केस प्रोफाइल दाखिल करेंगे। 

व्यापारियों ने जताया विरोध 
राज्य वस्तु एवं सेवाकर आयुक्त ने एसआईबी विंग को व्यापारियों की जानकारी लेकर छापा मारने के निर्देश दिए हैं। कोरोना काल में आयुक्त का यह फैैसला निंदनीय है। इससे निश्चित तौर पर व्यापारियों का उत्पीड़न होगा। बाजारों में फिर से दहशत का माहौल बनेगा। हमारा संगठन इसका विरोध करेगा। 
ज्ञानेश मिश्रा, प्रदेश महामंत्री, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल 

बीते छह महीने से व्यापारी पाई-पाई के लिए परेशान हैं। अभी भी हालात ऐसे नहीं हुए हैं कि वे ठीक से कमा खा सकें। चौतरफा आर्थिक सुस्ती है, लेकिन जीएसटी के अफसर छापा मारने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार जब संकट में साथ नहीं दे रही है तो अच्छे दिनों की क्या उम्मीद करें। 
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अवधेश बाजपेई, अध्यक्ष, दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन
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