उधर, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इतने दिन बाद कटा हाथ भेजने के औचित्य पर प्रश्नचिन्ह लगाया है। उन्होंने कहा है कि कॉलेज प्रशासन हाथ उसकी मां का ही होने की पुष्टि के लिए एचएलए मैचिंग, हिस्टोपैथालॉजी जांच के लिए प्रोविजन फार्म भराने, जांच के लिए प्रशासनिक अधिकारी के नेतृत्व में कमेटी गठित करने आदि के लिए एक जून को जिलाधिकारी को पत्र लिखेगा। यह भी सुझाव दिया जाएगा कि उच्च स्तरीय कमेटी के सामने ही सील खोलकर कटा हाथ निकाला जाएगा।
सीएमओ बताएं कि इस हाथ में से किस हिस्से से टिश्यू निकालकर जांच की जाए? साथ ही हाथ गंवाने वाली महिला को न्याय दिलाने के लिए फाॅरेंसिक हिस्टोपैथालॉजी की सुविधा वाले सेंटर से जांच कराने का सुझाव भी दिया जाएगा। यह भी कहा कि कटने के तुरंत बाद समुचित तरीके से प्रिजर्व नहीं किया गया। कई दिन बाद फार्मेलिन में रखा और 30 मई को मेडिकल कालेज भेजा गया।
प्रशासनिक अधिकारी के नेतृत्व में कमेटी गठित करने के लिए एक जून को जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे। कमेटी में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, काॅलेज के एक प्रतिनिधि को भी शामिल करने की संस्तुति की जाएगी। हिस्टोपैथालॉजी जांच के लिए भी प्रोविजन फार्म, एचएलए मैचिंग, कमेटी के सामने सील खोलकर कटा हाथ निकालकर नमूने लेने आदि का भी सुझाव दिया जाएगा। - डॉ. संजय काला, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कालेज
हमने आईटीपीबी जवान की मां का कटा हाथ नियमानुसार हिस्टोपैथालॉजी जांच के लिए मेडिकल कालेज भेजा है। वह उसका एक्जामिन करें और उसकी रिपोर्ट दें। - डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमओ