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धमाकों के लिए कानपुर के मंदिरों की रेकी करने वाले हिजबुल कमांडर को सेना ने मुठभेड़ में मार गिराया

Tue, 01 Oct 2019 11:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला, फाइल
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कानपुर शहर के मंदिरों में धमाके की साजिश रच रेकी करने वाला हिजबुल कमांडर ओसामा बिन जावेद को कश्मीर में मुठभेड़ में सेना ने ढेर कर दिया। तीन दिन पहले हुई मुठभेड़ में दो अन्य आतंकी भी मारे गए। एक साल पहले वह शहर आया था।
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एटीएस ने उसके साथी आतंकी कमरुज्जमा उर्फ कमरुद्दीन उर्फ डॉ. हुरैरा को गिरफ्तार किया था। हिजबुल कमांडर ओसामा बिन जावेद अगस्त 2018 में शहर आया था। वह चकेरी में शिवकटरा में करीब एक सप्ताह तक रुका था। उसके साथ ही कमरुज्जमा भी था।

 

जब सितंबर 2018 को एटीएस ने कमरुज्जमा को गिरफ्तार  कर किया तो पता चला था कि ओसामा यहां आकर चला गया है। मामले की जांच एनआईए कर रही है। इधर 28 सितंबर सेना ने जम्मू-किश्तवाड़ के रामबन बटोत में हुई मुठभेड़ में जब तीन आतंकियों को मार गिराया।

तो उसमें एक आतंकी पहचान ओसामा बिन जावेद की भी हुई। ओसामा धमाकों की पूरी प्लानिंग करता था। इसलिए वह शहर आकर धमाकों की पूरी रूपरेखा तैयार कर वापस गया था। यहां की जिम्मेदारी उसने कमरुज्जमा को सौंपी थी।

 
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सिद्घ विनायक मंदिर समेत कई थे निशाने पर 
कमरुज्जमा ने एनआईए की पूछताछ में बताया था कि ओसामा ने सुतरखाना स्थित सिद्घ विनायक मंदिर समेत कई अन्य मंदिरों में धमाका करने की साजिश बनाया था। उसके साथ हजारी उर्फ रियाज अहमद व ओसामा जहांगीर आतंकी भी शामिल थे। ये दोनों फरार हैं। एनआईए इनकी तलाश में जुटी है।

गृह मंत्रालय की टॉप-10 में था ओसामा
करीब छह महीने पहले गृह मंत्रालय ने टॉप-10 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी। ओसामा इस सूची में शामिल था। एनआईए समेत अन्य सुरक्षा व जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थी। 
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