कानपुर। बार काउंसिल ऑफ इंडिया या राज्य बार काउंसिल को किसी कानून या नियम के तहत बार एसोसिएशन के चुनाव को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है इसलिए बार एसोसिएशन को अपने उपनियमों के तहत चुनाव कराने की अनुमति दी जाती है। इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की दो सदस्यीय खंडपीठ के आदेश जारी करने के साथ ही बार एसोसिएशन कार्यकारिणी के वार्षिक चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से 25 अक्तूबर को यूपी बार काउंसिल को पत्र भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि यूपी बार काउंसिल के चुनाव के मद्देनजर प्रदेश के सभी जिला बार संघों के चुनाव को 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक रोक दिया जाए। बीसीआई के इसी पत्र के आधार पर यूपी बार काउंसिल के सचिव ने एक नवंबर को पत्र भेजकर सभी बार संघ के चुनाव पर 15 फरवरी तक रोक लगा दी थी। इस आदेश के खिलाफ बार एसोसिएशन चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी दिनेश कुमार शुक्ला ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका का निस्तारण करते हुए हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन का चुनाव कराने के निर्देश जार्री किए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि बार यूपी बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के चुनाव कार्यक्रम में कोई टकराव न हो और दोनों चुनावों के बीच दस दिन का अंतराल होना चाहिए।
16 तक जमा होगा सदस्यता शुल्क
कानपुर। हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी होते ही एल्डर्स कमेटी चेयरमैन उमाशंकर गुप्ता ने चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा करवा दी गई है कि मतदाता सूची में शामिल होने के लिए जिन अधिवक्ताओं ने अब तक सदस्यता शुल्क जमा नहीं किया है वह 16 दिसंबर को शाम चार बजे तक शुल्क जमा कर दें। इसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। (संवाद)
शताब्दी अधिवक्ता भवन की छत से तुरंत हटाएं कब्जे
कानपुर। शताब्दी अधिवक्ता भवन की छत पर अनधिकृत कब्जा करने वाले अधिवक्ताओं को एल्डर्स कमेटी चेयरमैन उमाशंकर गुप्ता की ओर से तत्काल कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई है। शताब्दी अधिवक्ता भवन की तीसरी मंजिल पर बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की ओर से चैंबर निर्माण का प्रस्ताव लाया गया था लेकिन न्यायालय प्रशासन ने निर्माण पर रोक लगा दी थी। पिछले दिनों कुछ अधिवक्ताओं ने भवन की छत पर अनधिकृत रूप से कब्जा करने की कोशिश की। कुर्सियां डालकर बैठने भी लगे जिसकी शिकायत कुछ अधिवक्ताओं ने एल्डर्स कमेटी व नजारत में की थी। इस पर एल्डर्स कमेटी ने नोटिस जारी कर अनधिकृत कब्जा करने वाले अधिवक्ताओं को चेतावनी दी है कि वह तत्काल कब्जा हटा लें वरना न्यायालय प्रशासन की ओर से नजारत कब्जे हटवाएगी। ऐसे में बार व बेंच के बीच टकराव की नौबत आ सकती है जो अधिवक्ता हित में नहीं होगा। (संवाद)