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टोटके में उलझी कानपुर देहात की हाईटेक पुलिस, नए साल में दर्ज किया गुडवर्क

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कानपुर देहात। लोगों को जादू-टोना व अंधविश्वास से बचने की नसीहत देने वाली पुलिस खुद इस पर यकीन करती है। विभाग में माना जाता है कि नए वर्ष से शुरू होने वाले अपराध रजिस्टर की शुरुआत अगर संगीन मुकदमे से होती है, तो अपराध की बाढ़ आ जाएगी।
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इसी के तहत जिले में नए साल में अपराध संख्या 01/2022 में अधिकांश थानों ने गुडवर्क दर्ज करने पर जोर दिया गया। कुल 16 में से सात थानों में पहला मामला आबकारी अधिनियम का दर्ज हुआ। आठ थानों में चार जनवरी तक कोई अभियोग पंजीकृत नहीं हुआ। वहीं केवल रूरा थाने में एक जनवरी को पहला मामला मारपीट का दर्ज हुआ।
पुलिस का मानना है कि साल के पहले दिन गुडवर्क दर्ज करने पर थाना क्षेत्र में अपराध कम होता है साथ ही पूरा साल पुलिस के लिए बेहतर रहता है। वर्षों पुराने इस टोटके से पुलिस खुद को जुदा नहीं कर पा रही है। 2022 में भी इसी मंशा से जिले की पुलिस ने नए साल का आगाज किया है।
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माना जाता है कि यदि पहले अपराध संख्या पर कोई घटना दर्ज होती है तो साल भर तक ऐसे अपराधों से ही जूझना पड़ेगा। यही वजह है कि हर थाना प्रभारी पहले अपराध संख्या पर गुडवर्क यानि तमंचा, चाकू, नशीले पदार्थ, शराब की बरामदगी के साथ अभियुक्तों की गिरफ्तारी के मामले दर्ज कराते हैं।
एक दिन पहले ही कर लेते तैयारी
गुडवर्क दर्ज करने के लिए थानों में एक दिन पहले ही तैयारी कर ली जाती है। इस साल भी पुलिस टोटके से अछूती नहीं रह पाई। अकबरपुर, डेरापुर, देवराहट, भोगनीपुर, मूसानगर, रसूलाबाद, शिवली में अपराध संख्या एक पर आबकारी अधिनियम के मामले दर्ज किए गए।
वहीं अमराहट, गजनेर, बरौर, मंगलपुर, महिला थाना, राजपुर, सट्टी व सिकंदरा में चार जनवरी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। रूरा थाने में पहला मामला मारपीट का दर्ज किया गया। हालांकि पुलिस अधिकारी इस टोटके के बारे में जानकारी होने से बचते रहे।
क्या होती अपराध संख्या
पुलिस शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र को जिस डायरी में दर्ज करती है, वह हर साल संख्या एक से शुरू होती है। जिसे पुलिस विभाग में अपराध संख्या या क्राइम नंबर कहते हैं। मसलन वर्ष 2022 की शुरुआत अपराध संख्या 01/22 से सभी थानों में हुई है।
ऐसा कोई नियम नहीं : एसपी
एसपी केशव कुमार चौधरी ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है। साल के पहले दिन जो घटना हो उसे ही दर्ज किया जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि शुभ से शुरू हुए काम का अंत शुभ होता है। इसके चलते आमतौर पर गुडवर्क दर्ज करने की परंपरा है।
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