उन्होंने बीईओ से जांच करवाई, जिसमें गांजा की ही झाड़ियां मिलीं। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से प्रधानाध्यापिका सुभाषिनी व सहायक अध्यापक प्रसूम सिंह को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत पर शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती, लेकिन यह शिकायत जायज है।
जब 25 जून से एक जुलाई के मध्य सिर्फ स्कूल खोलने का समय सफाई के लिए दिया गया था और स्कूलों के खातों में पड़ी कंपोजिट ग्रांट की राशि का 10 फीसदी सफाई में ही खर्च होना है तो फिर सफाई क्यों नहीं कराई गई। इससे उनके दायित्वों को पूरा करने में शिथिलता साफ तौर पर जाहिर हो रही है, जिसके बाद उन दोनों पर कार्रवाई की गई।