उत्तर प्रदेश में गुरुवार को एक बार फिर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की पोल खुल गई। यहां हमीरपुर जिले में एक बाप इतना बेबस हो गया कि उसे अपनी बेटी का शव रिक्शे में लादकर ले जाना पड़ा। वहीं प्रशासन आंखों पर पट्टी बांधकर उदासीन बना रहा।
हमीरपुर के मौदहा में पोस्टमार्टम के लिए बेबस पिता बेटी की लाश को रिक्शे पर ढोता नजर आया तो देखनों वालों की आंखों से आंसू निकल पड़े। दृश्य था ही इतनी मर्मिक।
अस्पताल ने शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाने के लिए एंबुलेंस मुहैया नहीं करायी। इस पर लड़की के पिता ने मजबूरी में रिक्शे में बेटी का शव लादा और अस्पताल से चल दिया। लोग टकटकी लगाए देखते रह गए। कोतवाली मौदहा के दुरदहा गांव के शिवसरन यादव अपनी बेटी सोना का शव रिक्शे से पोस्टमार्टम हाउस से ले गया।
जहां- जहां से रिक्शा गुजरा लोग ये दृश्य देख हैरान हो गए। किसी ने पुलिस की लापरवाही पर जमकर कोसा तो कोई बेबस पिता के दर्द में उसका सहभागी बना। शिवशरन ने बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि अस्पताल से वाहन मिलता है।
किसी ने भी इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं दी। किसी भी स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी ने उसकी कोई भी मदद नही की। उसने सिर्फ यही कहा कि बेटी का शव ले चलना है। ऐसे में उनके सामने कोई रास्ता नहीं था। इसलिए उन्होंने रिक्शा बुलाया था।