फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: लंबाई व वजन मापने के उपकरण खराब, अंदाज से हो रही कुपोषित बच्चों की पहचान

Sun, 01 Feb 2026 01:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। जिले के 10 ब्लॉकों में 1788 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें महज 58 प्रतिशत केंद्रों पर वजन मशीन है। कई केंद्रों की स्थिति यह है कि बच्चों का वजन व लंबाई मापने के लिए कोई साधन नहीं हैं। ऐसे में कुपोषित बच्चों के चिह्नांकन में लापरवाही बरती जा रही है। इससे डैश बोर्ड पर जिले की स्थिति भी प्रभावित होगी।
विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए ब्लॉकों में इनफेंटोमीटर और स्टेडिओमीटर की भारी कमी है। जिले में सैम मोबिलाइजेशन का आंकड़ा भी कमजोर है। सैम मोबिलाइजेशन का मतलब है गंभीर कुपोषण वाले बच्चों की पहचान करने और उन्हें रेफर करने व इलाज करने की कम्यूनिटी-बेस्ड प्रक्रिया। यह बच्चों की मृत्यु दर और बीमारी को कम करने के लिए एक मुख्य रणनीति है।
इसमें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करते हैं। वेट-फॉर-हाइट, लेंथ, जेड-स्कोर, मिड-अपर आर्म सरकमफ्रेंस जैसे माप का इस्तेमाल करते हैं। इस दौरान कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए इनफेंटोमीटर, स्टेडियोमीटर, इंफेंट वेईंग स्केल आदि उपकरण का प्रयोग किया जाता है। स्थिति यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंदाज से ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर रही हैं। या फिर पास के केंद्रों से उपकरण लेकर काम चला रही हैं। (संवाद)
विज्ञापन

....................
स्मार्ट फोन ने दिया धोखा, कैसे अपलोड हो डेटा
शासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुपोषित बच्चों का चिह्नांकन करने के अलावा अन्य होने वाले कार्यों का डेटा अपलोड करने के लिए 1788 स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए हैं लेकिन इनमें से 1549 खराब हो चुके हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को डेटा अपलोड करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि विभाग की माने तो उनके द्वारा निदेशालय से स्मार्ट फोन सहित अन्य उपकरणों के लिए मांग पत्र भेजे गए हैं। अब देखना होगा कि कब तक केंद्रों पर उपकरण व मोबाइल की सुविधा मुहैया कराई जाती है। हालांकि तब तक सभी कार्य दूसरे केंद्रों से समन्वय बनाते हुए ही किया जाएगा।
......................
वर्जन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों के चिह्नांकन में उपयोग किए जाने वाले कई उपकरण खराब हैं। इनके लिए निदेशालय को मांग पत्र भेजा गया है। जल्द ही सभी केंद्रों पर उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे। कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आपस में समन्वय बनाते हुए काम कर रही हैं। - डॉ. आरबी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन

.......................
जिले में उपकरणों की स्थिति पर एक नजर
उपकरण- जरूरत - खराब
मदर कम चाइल्ड वेइंग स्केल- 1788-1336
इन्फेंट वेईंग स्केल-1788-1085
इन्फेंटोमीटर- 1788-1042
स्टेडियोमीटर-1788-1415
स्मार्ट फोन- 1788-1549
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें