मोटी कमर होने की वजह से हार्ट अटैक आया
खास बात यह है कि इनमें से ऐसे रोगियों की संख्या भी काफी अधिक है, जिनका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) सामान्य है। अध्ययन करने इंस्टीट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अवधेश शर्मा ने बताया कि मिलेनोकॉर्टिन-4 जीन कमर में वसा का जमाव बढ़ाती है। सामान्य बीएमआई वाले लोगों को भी मोटी कमर होने की वजह से हार्ट अटैक आया। विशेषज्ञों का कहना है कि कमर के हिस्से में नाभि के चारों तरफ वसा का जमाव दिल की सेहत के लिए ठीक नहीं है।
रोगियों का आयु वर्ग 40 से 65 वर्ष के बीच
यहां से वसा रक्त में जाता है। इससे हृदय की धमनियों में वसा का जमाव बढ़ता है। हृदय रोगियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर इस शोध को बहुत अहम माना जा रहा है।महिलाओं की तुलना में पुरुषों की कमर की गोलाई अधिक पाई गई। कुल डेढ़ हजार रोगियों पर अध्ययन किया गया, उनमें 60 फीसदी पुरुष और 40 फीसदी महिलाएं हैं। इन रोगियों का आयु वर्ग 40 से 65 वर्ष के बीच का है।
मुश्किल से निष्क्रिय होता है मिलेनोकॉर्टिन-4 जीन
शरीर में पाया जाने वाला मिलेनोकॉर्टिन-4 रिसेप्टर जीन का काम होता है वसा को स्टोर करना। व्यक्ति को जब लगातार कम खाना मिलता है तो यह जीन भविष्य में बिल्कुल खाना न मिलने के अंदेशे में वसा स्टोर करना शुरू कर देता है। ऐसी स्थिति में इसी वसा के इस्तेमाल से शरीर दुरुस्त रहता है। यह जीन एक बार सक्रिय होने पर लगातार वसा जमा करता रहता है, भले ही व्यक्ति भरपेट खाना खाने लगा हो। डॉ. अवधेश शर्मा का कहना है कि यह जीन भारतीयों में सक्रिय है। बहुत पहले कभी देश में अकाल पड़ने पर यह सक्रिय हुआ होगा। अब पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रहा है। इसके निष्क्रिय होने में भी वक्त लगता है।
इसे कहते हैं बीएमआई
बीएमआई का मतलब होता है बॉडी मास इंडेक्स। यह बताता है कि व्यक्ति के शरीर का वजन उसके लंबाई के अनुसार ठीक है कि नहीं। इसे स्वस्थ शरीर का संकेतक माना जाता है। आमतौर पर बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच होना चाहिए।
नियमित व्यायाम और दुरुस्त खानपान से ही बचाव
कमर की गोलाई नियंत्रित रखने के लिए जरूरी है कि नियमित व्यायाम करना चाहिए। इससे कमर के आसपास वसा का जमाव नहीं होगा। तेल, घी के तले हुए वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी कम करना चाहिए। इसका ध्यान बचपन से ही रखना चाहिए।
जीन क्या है और यह कैसे काम करता है?
जीन डीएनए का एक छोटा हिस्सा होता है। आपके जीन में निर्देश होते हैं जो आपकी कोशिकाओं को प्रोटीन नामक अणु बनाने के लिए कहते हैं। प्रोटीन आपके शरीर में आपको स्वस्थ रखने के लिए विभिन्न कार्य करते हैं। प्रत्येक जीन में निर्देश होते हैं जो आपकी विशेषताओं को निर्धारित करते हैं, जैसे कि आंखों का रंग, बालों का रंग और ऊंचाई।