इस बार भाईदूज के त्योहार पर बहनें जेल में बंद अपने भाइयों को रोचना नहीं कर सकेंगी। कोविड-19 के स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकॉल के तहत जेल में यह व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि, बहनों के भावुक संदेश उनके भाइयों के नाम के साथ जेल में लगे लाउडस्पीकरों में जरूर गूंजेंगे।
फोन के माध्यम से उनकी बात कराई जाएगी। जेल अधिकारियों की मानें तो त्योहार के मौके पर परिजनों से आमने सामने मुलाकात न होने से बंदी तनाव में आ सकते हैं। ऐसे में सभी जेल ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को भी कैदियों से घर-परिवार की सामान्य बातें करने के निर्देश दिए गए हैं।
शनिवार शाम जिला कारागार दीपकों से रोशन हुआ। जेल प्रशासन ने इसके लिए 11151 मिट्टी दिए जलाने का इंतजाम किया था। जेल अधीक्षक आरके अग्रवाल ने बताया कि दीपक के साथ जेल परिसर को झालरों से भी रोशन किया गया है।
थम चक्र में स्थापित मंदिर व मस्जिद को भी फूलमालाओं से सजाया गया। प्रत्येक चक्र में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जीतने वाले कैदी को पुरस्कृत किया गया।