एनएसआई ने पौष्टिक सुपर शुगर तैयार की है। विश्व बाजार में सुपर शुगर अपनी तरह का पहला उत्पाद है। एनएसआई के निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि सुपर शुगर फार्मूले को पेटेंट कराएंगे।
नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) ने पौष्टिक सुपर शुगर (चीनी) तैयार की है। हाई प्रोटीनयुक्त यह चीनी समुद्र और झीलों में पाई जाने वाली शैवाल स्पीरुलीना और तुलसी मिलाकर तैयार की गई है। इसमें जरूरत भर के फैटी एसिड, खनिज, पोटेशियम, कैल्शियम, मिनरल्स, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और एंटी ऑक्सीडेंट तत्व हैं। कुल मिलाकर इस चीनी से मिठास तो मिलेगी ही, सेहत को सुरक्षा चक्र भी मिल जाएगा।
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दो-तीन चम्मच चीनी खा लेने भर से शरीर को काम भर के पौष्टिक तत्व मिल जाएंगे। विश्व बाजार में सुपर शुगर अपनी तरह का पहला उत्पाद है। एनएसआई के निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि सुपर शुगर फार्मूले को पेटेंट कराएंगे। सुपर शुगर का फार्मूला तीन साल के शोध के बाद तैयार किया गया। प्रोफेसर नरेंद्र मोहन के मार्गदर्शन में त्रिवेणी शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के उप महाप्रबंधक (गुणवत्ता नियंत्रण) राजेश सिंह ने यह शोध किया है।
निदेशक प्रोफेसर मोहन ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार आहार योग्य शैवाल स्पीरुलीना और तुलसी के अर्क का इस्तेमाल किया गया। इसमें विशेष डिजाइन कोन ब्लेंडर तैयार किया गया है। इसके साथ ही निर्धारित मात्रा में डोजिंग की जाती है। नियंत्रित परिस्थितियों में चीनों को सुखाया जाता है। सुपर शुगर अपने गुणों के कारण पौष्टिक औषधीय उद्योग में स्थान बनाएगा। 50 ग्राम चीनी में एक प्रतिशत शैवाल और पांच प्रतिशत तुलसी का अर्क होता है। विज्ञानियों का कहना है कि यह चीनी एक साल तक खराब नहीं होगी। इसकी लागत सामान्य चीनी से दो से पांच रुपये अधिक आएगी।
स्पीरुलीना क्या है?
यह सूक्ष्म शैवाल है, जिसे काई भी कहते हैं। इसकी खोज 16वीं शताब्दी में हुई थी। मैक्सिको की घाटी में इसे भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश समेत देश के 15 राज्यों में इसकी खेती होती है। देश इस शैवाल का निर्यातक है।
पौष्टिक तत्व
60 से 70 फीसदी उच्च प्रोटीन, फैटी एसिड, पोेटेशियम, कैल्शियम, आयरन, जस्ता, फास्फोरस, विटामिन बी1, बी2, बी3, बी6, बी9, बी12, सी,ई, डी, तथा अन्य कार्बोहाइड्रेट और एंटी ऑक्सीडेंट तत्व