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ये पीकदान नहीं दीवारें हैं साहब...!, अव्यवस्थाओं से बीमार अस्पताल' देख स्वास्थ्य मंत्री भड़क उठे

Mon, 29 Oct 2018 09:34 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य मंत्री - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर देहात जिला अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री को अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। अस्पताल में पीकदान बनी दीवारें और अंधेरा देखकर भड़के। मारपीट में घायल का इलाज न होने व उसे एक्सरे के लिए रेफर करने के लिए पुलिस न पहुंचने पर मंत्री ने एसपी व सीएमएस से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल में सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे व डायलिसिस सेंटर की स्थापना की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश सीएमएस को दिए। 
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जुगराजपुर शिवली में सीएचसी के शिलान्यास की नींव रखने से पहले प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डा. सिद्धार्थनाथ सिंह ने एमएलसी अरुण पाठक व विधायक प्रतिभा शुक्ला के अनुरोध पर जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने इमरजेंसी डाक्टर रूम का निरीक्षण किया। वहां साफ-सफाई रंगाई-पुताई आदि नहीं मिली। इसके बाद इमरजेंसी कक्ष में मरीजों से जानकारी ली। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। वहां भर्ती मरीजों से उपचार के बाबत जानकारी ली। कई मरीजों ने अव्यवस्था होने की शिकायत की। इस पर उन्होंने सीएमएस को सुधार करने के निर्देश दिए।


 

सीएमएस उन्हें योजनाओं के बारे में सही से जानकारी नहीं दे सके

जिला अस्पताल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य मंत्री - फोटो : अमर उजाला
मंत्री ने जनरल वार्ड पहुंच कर वहां मरीजों की व्यवस्थाएं देखी। सीएमएस से बेड सीट के बदले जाने के बारे में जानकारी ली। वहीं उन्होंने दो रंगों की बेड सीट रखने के निर्देश दिए। उन्हें नियमित रूप से बदलने के लिए कहा। कई जगह पर्याप्त रोशनी न होने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएमएस उन्हें योजनाओं के बारे में सही से जानकारी नहीं दे सके। मंत्री ने जिला अस्पताल में संचालित व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के बाद उन्होंने सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे व 10 बेड का डायलिसिस सेंटर की स्थापना कराने की बात कही। उन्होंने सीएमएस से इस बाबत जगह आदि होने की जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ एमएलसी अरुण पाठक, विधायक प्रतिभा शुक्ला, निर्मला संखवार, अनिल शुक्ला वारसी, बउवा पांडेय आदि मौजूद रहे। 

मंत्री के निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में भर्ती आनंद दीक्षित व उसकी बहन गीता शुक्ला ने बताया कि वह रूरा थाना के इंदरुख गांव की रहने वाली हैं। उनके परिवार के राजकुमार, अश्वनी, राहुल आदि ने मारपीट कर घायल कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से डेरापुर सीएचसी ले गई। वहां से अकबरपुर सीएचसी भेजा गया। अकबरपुर सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस बीच इलाज नहीं किया गया। वहीं जिला अस्पताल में पट्टी करने के बाद इमरजेंसी वार्ड में भर्ती तो कर लिया गया लेकिन रात में सर्दी लगने पर कंबल तक नहीं मिला।

प्रदेश जूझ रहा है रेडियोलॉजिस्ट की कमी से

जिला अस्पताल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य मंत्री - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल के लिए लेकर आया रूरा थाने का सिपाही भी रात में चला गया। अस्पताल में एक्सरे की व्यवस्था नहीं है जिससे कानपुर रेफर किया जाना है। लेकिन पुलिस कर्मी के न आने की वजह से रेफर नहीं किया जा रहा है। एसओ रूरा भूपेंद्र सिंह राठी को दो दर्जन से अधिक बार फोन किया लेकिन कोई नहीं आया। पीड़ित की बात सुनने के बाद मंत्री ने एसपी राधेश्याम को बुलाकर कड़ी नाराजगी जताई। वहीं सीएमएस से इस तरह के मामलों में गंभीरता से काम करने की कठोर चेतावनी दी।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में 900 रेडियोलॉजिस्ट के पद हैं जिसके सापेक्ष केवल 200 लोग तैनात हैं। ऐसे में पूरे प्रदेश के अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। उन्होंने इसे दूर करने की बात कही। उन्होंने पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत के दौरान ट्रॉमा सेंटर व मैटरनिटी होम के जल्द संचालन कराने की बात कही।

 
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अचानक स्वास्थ्य मंत्री के आने से पूरे अस्पताल में हड़कंप की स्थिति थी

जिला अस्पताल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य मंत्री - फोटो : अमर उजाला
अचानक स्वास्थ्य मंत्री के आने से पूरे अस्पताल में हड़कंप की स्थिति थी। जिम्मेदारों पर गाज गिरने की भी आशंका थी लेकिन ऐसा कुछ न होने से कर्मियों ने राहत की सांस ली। अभी कुछ माह पहले मुख्यमंत्री ने विधायकों से अस्पतालों का निरीक्षण कराकर रिपोर्ट मांगी थी। तब विधायक प्रतिभा शुक्ला ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। वहां उन्हें अव्यवस्थाओं का अंबार मिला था।

उन्होंने पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी थी। सोमवार को जिले में एक सीएचसी का शिलान्यास करने आ रहे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह कार्यक्रम स्थल में जाने से पहले वह जिला अस्पताल जा पहुंचे। इसकी सूचना पर जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। अनुपस्थित डाक्टर व कर्मियों को तत्काल बुलाया गया। वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कोशिश शुरू कर दी र्गइं। अस्पताल परिसर में सफाई काम शुरू करा दिया गया। 
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