चित्रकूट। बुंदेलखंड के कई जिलों ने सरकारी अस्पतालों में ही आयुष्मान योजना से इलाज और लाभार्थियों के क्लेम के मामले में उत्तर प्रदेश में अहम स्थान बनाया है। चित्रकूट सरकारी अस्पतालों में इलाज व क्लेम के मामले में प्रदेश में अव्वल है। जबकि झांसी ने इस मामले में दूसरा स्थान हासिल किया है और महोबा छठवें नंबर पर है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने दी।
गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से आयुष्मान भी एक है। आयुष्मान योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में पात्रों को इलाज दिया जा रहा है। जिला अस्पताल सहित आयुष्मान योजना से लाभार्थियों को लाभ देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी, राम नगर, शिवरामपुर, मानिकपुर आदि पांच यूनिट हैं।
जिले ने सरकारी अस्पताल में मरीजों को इलाज व क्लेम देने के मामले में कुल 600 क्लेम देकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं दूसरे नंबर पर रहे झांसी जिले ने कुल 473 क्लेम सरकारी अस्पतालों से हुए हैं। 198 क्लेम के साथ महोबा जिला छठवें नंबर पर है। इसी प्रकार 143 क्लेम के साथ बांदा नवें नंबर पर है। 91 क्लेम के साथ ललितपुर दसवें और 78 क्लेम के साथ हमीरपुर 11 वें स्थान पर है।
सीएमओ ने बताया कि 10 दिन पहले लखनऊ में मुख्य कार्यपालक अधिकारी आयुष्मान के साथ नोडल अधिकारियों की बैठक में यह आंकडे़ जारी किए गए थे। इसमें निजी नर्सिंगहोम की अपेक्षा सरकारी अस्पतालों के क्लेम को आधार बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में इस योजना से पात्रों को लाभ देने के लिए कोई निजी नर्सिंगहोम सूचीबद्ध नहीं है।
हालांकि सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित जानकीकुंड अस्पताल ने आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध होने के लिए आवेदन किया था। उसे मुख्य कार्यपालक अधिकारी आयुष्मान उत्तर प्रदेश लखनऊ के पास भेजा था लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया क्योंकि यह अस्पताल यूपी के बजाए एमपी क्षेत्र में आता है।