महिलाओं के साथ ही पुरुषों में भी स्तन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों का स्तन कैंसर अधिक खतरनाक होता है और लापरवाही बरतने पर छाती की मांसपेशियों में प्रवेश कर जाता है जिससे रोगी को खतरा बढ़ जाता है। यह बात एसजीपीजीआई लखनऊ के एंडोक्राइन और ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी के पूर्व प्रमुख डॉ. अमित अग्रवाल ने आईएमएसीजीपी रिफ्रेशर कोर्स में बताई।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने डेढ़ महीने में छह स्तन कैंसर के रोगी पुरुषों की सर्जरी की है। किसी व्यक्ति की छाती में स्तन की जगह गांठ महसूस हो तो उसकी तुरंत जांच करा लें। इलाज की उच्चीकृत सुविधाएं उपलब्ध हैं जिनसे लाइफ क्वालिटी प्रभावित नहीं होती। डॉ. अग्रवाल ने थायरॉय़ड ग्रंथि की रोबोटिक सर्जरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद थायरॉयड ग्रंथि के काम बंद करने और आसपास दर्द के रोगी बढ़ गए हैं। थायरॉयड रोग का मुख्य कारण जेनेटिक और आयोडीन की कमी है।