फर्रुखाबाद जिले में उपस्थिति और कंपोजिट ग्रांट में की गई अनियमितता छिपाने के लिए कंझाना प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उपस्थिति व पत्र व्यवहार रजिस्टर फाड़ डाले। बीईओ के निरीक्षण में सहायक अध्यापक ने उनकी पोल खोल दी।
बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर नवाबगंज बीईओ को जांच सौंप दी है। एक अन्य स्कूल के प्रधानाध्यापक को अनुपस्थिति अवधि की उपस्थिति दर्ज करने पर निलंबित किया गया है। इस मामले की जांच बीईओ शमसाबाद को दी गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ ) कमालगंज ने नौ जनवरी को प्राथमिक विद्यालय कंझाना का निरीक्षण किया था। सहायक अध्यापक और शिक्षामित्रों ने खंड शिक्षा अधिकारी को बताया था कि जुलाई से अक्तूबर 2020 तक की पुरानी उपस्थिति रजिस्टर और पत्र व्यवहार रजिस्टर प्रधानाध्यापक मनीष कटियार ने गायब कर दिया है।
नई उपस्थिति पंजिका बनाकर पूरे स्टाफ के अक्तूबर तक के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। सहायक अध्यापक सत्यभान ने बताया था कि एक नवंबर 2020 को उन्होंने नई उपस्थिति पंजिका बनाकर अपने और शिक्षामित्रों ने हस्ताक्षर कराए। 21 नवंबर को प्रधानाध्यापक ने उनकी उपस्थिति पंजिका फाड़ दी।
सहायक अध्यापक ने ये भी आरोप लगाया था कि वर्ष 2018-19 और 2019-20 की कंपोजिट ग्रांट में अनियमितता की गई है। इसी तरह आठ जनवरी को प्राथमिक विद्यालय कोरीखेड़ा के निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी को जानकारी हुई कि सहायक अध्यापक सुशील कुमार एक से 20 दिसंबर तक अनुपस्थित रहे, इसके बावजूद उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर किए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर बीएसए लालजी यादव ने प्रधानाध्यापक मनीष कटियार और सहायक अध्यापक सुशील कुमार को निलंबित कर दिया है।