इसी बात को लेकर अनूसूचित जाति के सहायक अध्यापक अरविंद व प्रधानाध्यापक अरुण कुमार शुक्ला में कहासुनी शुरू हो गई। इसकी खबर पाकर अनूसूचित जाति के बच्चों के अभिभावक सहायक अध्यापक के पक्ष में विद्यालय पहुंच गए।
अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक पर शराब पीने व बच्चों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख प्रधानाध्यापक ने मंगलपुर थाना पुलिस को जानकारी दी। थाना प्रभारी फोर्स के साथ विद्यालय पहुंचे और अभिभावकों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया।
उन्होंने शिक्षकों व रसोइयों के बयान भी दर्ज कर बीएसए को पूरे प्रकरण से रुबरू कराया। हंगामे के चलते विद्यालय में दो घंटे तक पढ़ाई का काम बाधित रहा। थाना प्रभारी अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामला पिलहाल शांत करा दिया गया है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अनूसूचित जाति के बच्चों व शिक्षिको का आरोप निराधार है । सुनियोजित ढंग से मामले को बढ़ाया गया है। जांच में सच सामने आ जाएगा। -अरुण कुमार शुक्ला, प्रधानाध्यापक
प्रधानाध्यापक शराब पीकर अनूसूचित जाति के बच्चों के साथ भेदभाव करते हैं। ऐसा ही व्यवहार अनुसूचित जाति के शिक्षकों के प्रति भी उनका रहता है। -अरविंद, शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय डिलवल में अनुसूचित जाति के बच्चों व शिक्षकों के प्रति भेदभाव बरते जाने के आरोप की जांच अकबरपुर के एबीएस को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। एबीएसए संदलपुर अवकाश पर हैं। -रिद्धि पांडेय, बीएसए