हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (एचबीटीआई) को टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनाने का नया प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
प्रस्ताव पर जल्द ही मुहर लग सकती है और पूरी संभावना है कि नए शैक्षिक सत्र (2015-16) से एचबीटीआई को टेक्निकल यूनिवर्सिटी बना दिया जाए।
एचबीटीआई से 150 इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कॉलेजों को जोड़ने की बात कही जा रही है।
ऐसा हुआ तो यूपीटीयू लखनऊ, महामना मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी गोरखपुर के बाद एचबीटीआई प्रदेश की तीसरी टेक्निकल यूनिवर्सिटी बन जाएगी।
एचबीटीआई को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) से स्वायत्तता मिली है। यही वजह है कि विश्व बैंक से अच्छा अनुदान मिलता है। एचबीटीआई प्रशासन अपना पाठ्यक्रम खुद तैयार करता है। पेपर सेट करके परीक्षा करवाता है।
कापी जांचने और रिजल्ट तैयार करने का काम भी एचबीटीआई के पास है। रिजल्ट यूपीटीयू जारी करता है। यूनिवर्सिटी बनने के बाद रिजल्ट घोषित करने का अधिकार भी तकनीकी संस्थान को मिल जाएगा।
निदेशक प्रो. एके नागपाल ने बताया कि शासन की पहल के बाद एचबीटीआई को टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव 15 दिसंबर को भेजा गया है।
एक प्रस्ताव प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा, दूसरा प्रस्ताव प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा संजीव मित्तल और तीसरा प्रस्ताव यूपीटीयू के कुलपति प्रो. आरके खांडल को दिया गया है।