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एसईई से भरी जाएंगी एचबीटीआई की सीटें

Sat, 30 Jan 2016 03:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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एचबीटीआई की सत्र 2016-17 की बीटेक, एमटेक, एमसीए और पीएचडी की सीटें डॉ. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) लखनऊ की राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एसईई) से भरी जाएंगी। इस पर प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल की सहमति मिल गई है। इससे पहले सीटें अपनी प्रवेश परीक्षा या फिर ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन से भरी जाती थीं।
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एचबीटीआई को यूपी की तीसरी टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव कैबिनेट से पास हो चुका है। अब मामला विधानसभा में रखा जाएगा। विधानसभा की मंजूरी के बाद प्रस्ताव राज्यपाल के पास जाएगा। यूनिवर्सिटी बनाने की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी की जानी है। इससे पहले ही सत्र 2016-17 की बीटेक, एमटेक, एमसीए और पीएचडी की सीटें भरी जाएंगी।

रजिस्ट्रार नरेश कुमार ने बताया कि 80 फीसदी सीटें एसईई से भरने का सर्कुलर जल्द ही जारी किया जाएगा। 20 फीसदी सीटें जेईई मेन या फिर दूसरे राज्य के स्टूडेंटों से भरी जानी हैं। अब यूनिवर्सिटी बनने के बाद ही एचबीटीआई अपनी प्रवेश परीक्षा की रणनीति बनाएगी।
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यह 2017-18 से संभव है। आईआईटी के लिए प्रस्तावित ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस से भी सीटें भरी जा सकती हैं। इस पर चर्चा की गई है। हालांकि अंतिम फैसला काउंसिल और बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) लेती

कॉलेज संचालन की जानकारी नहीं
प्राविधिक शिक्षा विभाग को मैनपुरी और कन्नौज इंजीनियरिंग कॉलेज के संचालन की जानकारी नहीं है। यह भी नहीं पता कि कितनी सीटें भरी गईं और कहां कक्षाएं लग रही हैं। इस पर एचबीटीआई प्रशासन ने हैरानी जताई है।

साथ ही प्राविधिक शिक्षा निदेशक ओपी वर्मा से शुक्रवार को मिलकर कहा है कि इन कॉलेजों की पढ़ाई एचबीटीआई में कराई जा रही है। एक-एक ब्रांच की 60-60 सीटें भरी गई हैं। कॉलेजों का कैंपस संबंधित जिलों में बन रहा है। सत्र 2016-17 तक इसकी शिफ्टिंग संभव है।

दो के डिमोशन पर सवाल
सामान्य कोटे से प्रमोशन पाने वाले एचबीटीआई में एससी कोटे के दो कर्मचारियों को डिमोट कर दिया गया। इस पर कर्मचारियों ने आपत्ति की और डिमोशन की प्रक्रिया से मुक्ति दिलाए जाने की मांग रखी। इसको देखते हुए ही कार्यवाहक निदेशक प्रो. अशोक कुमार ने एक कमेटी गठित कर दी है। कमेटी नियम, मानक का अध्ययन करेगी, फिर डिमोशन वापस लेने का फैसला होगा।
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