हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (एचबीटीआई) को यूपी की तीसरी टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा राज्य सरकार ने कर दी है। इसके लिए बजट का प्रावधान भी कर दिया गया है। नए शैक्षिक सत्र (2015-16) से ही एचबीटीआई को टेक्निकल यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल सकता है।
ऐसा हुआ तो यूपीटीयू लखनऊ और मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी गोरखपुर के बाद एचबीटीआई कानपुर की तीसरी टेक्निकल यूनिवर्सिटी बन जाएगी। एचबीटीआई से कानपुर और आसपास के 150 इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कॉलेजों को संबद्धता दी जा सकती है।
बताते चलें कि एचबीटीआई को टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनाने की सूचना ‘अमर उजाला’ ने 15 जनवरी 2015 को प्रकाशित की थी, जिस पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने मुहर लगा दी है। एचबीटीआई को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) से स्वायत्तता मिली है।
यही वजह है कि विश्व बैंक से अच्छा अनुदान मिलता है। एचबीटीआई प्रशासन अपना पाठ्यक्रम खुद तैयार करता है। पेपर सेट करके परीक्षा करवाता है। कॉपी जांचने और रिजल्ट तैयार करने का काम भी एचबीटीआई के पास है। हालांकि रिजल्ट यूपीटीयू ही जारी करता है।
यूनिवर्सिटी बनने के बाद रिजल्ट घोषित करने का अधिकार भी तकनीकी संस्थान को मिल जाएगा। निदेशक प्रो. एके नागपाल ने बताया कि शासन की पहल के बाद एचबीटीआई को टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव 15 दिसंबर 2014 को भेजा गया था।
एक प्रस्ताव प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा, दूसरा प्रस्ताव प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा संजीव मित्तल और तीसरा प्रस्ताव यूपीटीयू के कुलपति प्रो. आरके खांडल को दिया गया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि एचबीटीआई में पर्याप्त सुविधा-संसाधन उपलब्ध है।