पुलिस की पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, आरोपियों की निशानदेही पर हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के जंगलों से मृतक कारोबारी के अधजले अवशेष बरामद किए गए हैं।
दबिश के दौरान हुआ था भीषण हादसा, 5 की गई थी जान
यह वही बेहद चर्चित मामला है, जिसकी विवेचना और आरोपियों की तलाश में हरियाणा गई उरई कोतवाली पुलिस की टीम सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। दबिश देने के दौरान हुए उस भीषण हादसे में दो उपनिरीक्षकों, दो सिपाहियों और मुकदमे के वादी समेत कुल पांच लोगों की असमय मौत हो गई थी। इस दुखद हादसे के बाद यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा तक काफी चर्चा में आ गया था।
घटना की जानकारी देते पुलिस के अधिकारी
- फोटो : amar ujala
ट्यूबवेल से किया था अपहरण, जला दिया था शव
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बीते चार मई की सुबह उरई के रिनिया गांव स्थित ट्यूबवेल से कारोबारी विजेंद्र मोर का अपहरण कर लिया गया था। आरोपी उन्हें क्रेटा कार से ले गए और हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव पर डीजल डालकर हमीरपुर के जंगलों में जला दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
अवैध संबंध और करोड़ों की जमीन का विवाद बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं। पहला, मृतक विजेंद्र मोर के आरोपी मोहित मलिक की पत्नी सपना रानी से शादी से पहले अवैध संबंध थे। शादी के बाद भी विजेंद्र दोनों को जान से मारने की धमकियां दे रहा था।
दूसरा कारण, विजेंद्र का आजाद सरपंच नाम के व्यक्ति से करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर तीखा विवाद चल रहा था। इसी रंजिश और विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात को अंजाम देने से करीब 15 दिन पहले आरोपियों ने रिनिया फाटक के आसपास रेकी भी की थी।
अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश
उरई पुलिस के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल अन्य नामजद व फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।