गड्ढे में भरा था बारिश का पानी
बाग में खेलने के बाद यह लोग आगे स्थित एक खेत में चले गए। इसी खेत में मिट्टी का खनन पिछले दिनों कराया गया था। इसके कारण यहां गड्ढा था। दो दिन से हो रही बारिश का पानी गड्ढे में भरा था। इसी पानी में तीनों बच्चे डूब गए। शाम को साढ़े पांच बजे तक बच्चे वापस घर नहीं पहुंचे, तो नरेंद्र का छोटा भाई शत्रुघ्न उन्हें तलाशने निकला।
बेसुध पड़े थे तीनों बच्चे
इसी दौरान खेत में गीली मिट्टी में बच्चों के पैर के निशान नजर आए, तो वह गड़्ढे की तरफ गया। गड्ढे में उतरकर देखा, तो तीनों बच्चे बेसुध पड़े थे। तीनों को निकालकर सीएचसी टड़ियावां ले जाया गया। यहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना का पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने जांच शुरू की है।
भाई के परिवार में जन्मे बेटे की खुशी में शरीक होने आए परिवार को मिला गम
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक नरेंद्र के छोटे भाई शत्रुघ्न के घर 11 जून को बेटे का जन्म हुआ था। इसी खुशी में उसकी दोनों विवाहित बहनें अपने बच्चों के साथ मायके आई थीं। दोनों के पति भी आए थे, लेकिन वह लोग कार्यक्रम में शामिल होकर वापस चले गए। घर में बेटे का जन्म होने से खुशी का माहौल था। शनिवार को तीन बजे तीनों बच्चे खेलने गए और फिर इसी दौरान जान गंवा बैठे।
माता-पिता की इकलौती संतान थे कार्तिक और दुर्गेश
कार्तिक की मौत की जानकारी से मां महेश्वरी बदहवास हो गई। अपने पति को फोन पर घटना की जानकारी देते समय वह बिलख पड़ी। कार्तिक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। इसी तरह दुर्गेश भी अंबेश्वरी और पिंटू का इकलौता पुत्र था। घटना की जानकारी पर अंबेश्वरी को संभालना मुश्किल हो गया। घटना का पता चलने पर दोनों के परिजन भी सीएचसी पहुंच गए।
खनन से हुए गड्ढे में भरे पानी में डूबकर तीन बच्चों की मौत की जानकारी हुई है। मौके पर जा रहा हूं। यह जानकारी कराई जा रही है कि खनन के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं। खनन तय गहराई से ज्यादा में किया गया होगा तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की डूबने से मौत हुई है इसलिए दैवी आपदा के तहत सहायता राशि भी दिलाई जाएगी। -एसके मिश्रा, एसडीएम सदर