महिलाओं ने ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए थे
कब्जेदारों ने प्रभारी निरीक्षक मार्कंडेय सिंह, कानून गो रूपचंद्र, लेखपाल धीरेंद्र प्रताप, सुनील कुमार, इंद्रभूषण, कुलदीप और ब्लाक प्रमुख को जेसीबी के साथ देखा, तो आग बबूला हो गए। कब्जेदार गाली गलौज करने लगे। पुलिस ने कब्जा छोड़ने के लिए कहा, तो महिलाओं ने ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। घटना में दरोगा वीरेंद्र प्रताप सिंह, दीवान अनूप कुमार सिंह, महिला सिपाही रिंका, नीरज और कल्पना जख्मी हो गईं। महिलाओं ने दरोगा की वर्दी भी फाड़ दी।
सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि की धाराओं में रिपोर्ट
कानून गो रूपचंद्र द्विवेदी की तहरीर पर लाल बहादुर और उसके भाई सुशील, रामचंद्र, विकास, साधू, ऊषा, मालती, रामे देवी, नीतू, कोमल के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दूसरे पक्ष से लाल बहादुर ने आरोप लगाया कि ब्लाक प्रमुख विनोद सिंह तोमर अपनपे साथियों के साथ जमीन पर कब्जा करने आ गए थे। मना करने पर इन लोगों ने लात घूसों से मारा पीटा।
जांच कर आवश्यक कार्रवाई होगी
पिटाई में आठ माह की गर्भवती भाभी राधा और बहन अर्चना गंभीर रूपसे घायल हो गईं। इनको मेडिकल कॉलेज हरदोई में भर्ती कराया गया है। दावा किया कि परिवार की ऊषा, मालती, रामदेवी और नीतू जख्मी हुई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि घटना संज्ञान में है। कानूनगो की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। दूसरे पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर मिलेगी, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।