दो घंटे बाद बिगड़ गई थी तबीयत
दूसरी पत्नी प्रिया से दो बच्चे हैं। पुत्र रसाल सिंह और पुत्री निहारिका (12)। जितेंद्र अपनी पत्नी के साथ गांव वाले मकान में रहते हैं। निहारिका कक्षा सात की छात्रा थी। जितेंद्र के मुताबिक शुक्रवार को उनकी पत्नी ने दोपहर में सेब के टुकड़ों में चूहे मारने की दवा मिला दी। प्लेट मेज पर रखकर वह दूसरे कामों में व्यस्त हो गई। इसी दौरान निहारिका ने सेब खा लिया। दो घंटे बाद निहारिका की तबीयत बिगड़ गई। जितेंद्र उसे मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां देर रात उसकी मौत हो गई।
वार्ड ब्वाय पर ईंट से हमला कर दिया
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया। उधर दूसरी ओर शुक्रवार रात ही मृतका की मां प्रिया ने मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप आक्रोश में लगा दिया और ड्यूटी कर रहे वार्ड ब्वाय को लखीमपुर के राजापुर निवासी मनीष मिश्रा पर ईंट से हमला कर दिया। घटना में मनीष घायल हो गए। थोड़ी देर में मामला शांत हो गया। शनिवार सुबह मनीष ने घटना की जानकारी साथियों को दी। बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ एकत्र हो गया।
महिला के खिलाफ कार्रवाई करने का दिलाया भरोसा
इन लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था न होने और आए दिन कर्मचारियों के साथ मरीजों के तीमारदारों की ओर से अभद्रता किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही पर्चा बनाने से लेकर दवा वितरण तक का काम बाधित कर दिया। बाद में सीएमएस डॉ. चंद्र प्रकाश, इमरजेंसी वार्ड के इंचार्ज डॉ. अमित आनंद आदि ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, ईंट मारने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इस पर लगभग तीन घंटे बाद कर्मचारी दोबारा काम में लग गए।
पर्चा और दवा काउंटर पर लगी कतारें, काम कर रहे कर्मचारियों को जबरन उठाया गया
इमरजेंसी वार्ड में शुक्रवार रात हुई घटना के बाद शनिवार सुबह माहौल बिगड़ गया। मेडिकल कॉलेज में काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार लग गई। इस बीच कुछ कर्मचारी काउंटर पर पहुंचकर पर्चा बनाने लगे, तो विरोध प्रदर्शन कर धरना दे रहे कर्मचारी उनके पास पहुंच गए। उन्हें जबरन काम करने से रोक दिया और धरने में शामिल कराया। कुछ इसी तरह दवा काउंटर पर भी मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार लगी रही। यहां भी ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारी काउंटर पर नहीं बैठे। मामला ठंडा पड़ने के बाद लगभग सवा 11 बजे कार्य सुचारू रुप से चालू हो पाया।