हिमांशु की फाइल फोटो व मौके पर मौजूद पुलिस
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हरदोई में शहर कोतवाली क्षेत्र के पिहानी चुंगी से आगे शाहाबाद मार्ग पर कक्षा नौ के छात्र ने मकान के अंदर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारा गया। बेटे का शव देख बदहवास मां मकान की तीसरी मंजिल से कूद गई। मौके पर ही उनकी भी मौत हो गई।
शाहाबाद रोड निवासी राम प्रकाश गुप्ता प्रापर्टी डीलर हैं। उनका पुत्र हिमांशु गुप्ता (17) शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। मंगलवार दोपहर बाद वह अपने मकान की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरे में चला गया था। काफी देर बाद भी वह बाहर नहीं आया तो परिजन ने कमरे के दरवाजे पर दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर घर में मौजूद लोगों ने पिता व अन्य परिचितों को सूचना दी। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो हिमांशु का शव फंदे से लटक रहा था। उसके जीवित होने की उम्मीद में परिजन ने फौरन ही फंदे से नीचे उतारा लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
मां गीता गुप्ता (47) ने हिमांशु का शव देखा तो जोर से चीख पड़ीं और बाहर की तरफ दौड़ती हुई चली गईं। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक गीता ने तीसरी मंजिल से सड़क पर छलांग लगा दी। मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना का पता चलते ही भीड़ लग गई। शहर कोतवाल संजय त्यागी, देहात कोतवाल हरिनाथ मौके पर पहुंच गए। दोनों शवों को मेडिकल कॉलेज लाकर पंचनामा की कार्रवाई की गई। शहर कोतवाल ने बताया कि किशोर के खुदकुशी करने की वजह स्पष्ट नहीं है। परिजन अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं।
दो साल पहले बड़े बेटे ने गोली मारकर की थी खुदकुशी
राम प्रकाश और गीता के चार बच्चे थे। इनमें सबसे बड़ी बेटी फिर प्रिंस गुप्ता, एक और बेटी और फिर बेटा हिमांशु था। अब से लगभग दो साल पहले 21 वर्ष की उम्र में प्रिंस ने रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। परिजन अभी उस हादसे से उबर नहीं पाए थे कि अब हिमांशु ने खुदकुशी कर ली और इसी गम में उसकी मां गीता ने भी जान दे दी।