चाकू से वार कर आंख बाहर निकाल दी
उस वक्त जनुका मकान के बरामदे में चारपाई पर बैठी थीं। विवाद के दौरान राजमिस्त्री ने पास पड़े चाकू से जनुका की दायीं आंख पर वार कर आंख बाहर निकाल दी। इसके बाद पेट में दो वार किए और फिर ईंट से जनुका का चेहरा और सिर कुचल दिया। घटना को अंजाम देने के बाद बरामदे के पीछे बने कमरे में जाकर लालपूत ने रस्सी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
कमरे में फंदे से लटके मिला शव
घटना का पता तब चला जब उनका सबसे छोटा बेटा पुष्पेंद्र (9) खेलने के बाद घर के अंदर पहुंचा। बरामदे में मां का शव पड़ा देख उसने शोर मचाया, तो पड़ोसी मौके पर आ गए। पिता को खोजा, तो वह अंदर के कमरे में फंदे से लटके मिले। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सीओ शाहाबाद संतोष सिंह और पाली के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे।
एक-दूसरे के चरित्र पर शक करते थे दोनों
फॉरेंसिक टीम ने जरूरी नमूने जुटाए। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि करवा चौथ की रात पूजा का सामान लाने को लेकर विवाद हुआ था। यही विवाद शनिवार शाम भी उखड़ा और इस दौरान घटना हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी एक-दूसरे के चरित्र पर शक करते थे। इसी वजह से घटना हुई। सीओ संतोष सिंह ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
15 दिन पहले आए थे नए मकान में तब भी हुआ था विवाद
जनुका और लालपूत के आठ बच्चे हैं। छह लड़के और दो लड़कियां। दो बेटे अर्जुन (18) और पुष्पेंद्र (9) गांव में ही माता-पिता के साथ रहते हैं। बाकी बच्चे पानीपत और दिल्ली में रहकर काम करते हैं। गांव से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। 15 दिन पहले तक दोनों गांव में स्थित पुराने मकान में रहते थे। चर्चा है कि वहां होने वाले विवाद की जानकारी ग्रामीणों को हो जाती थी।
किसी तरह मामला शांत करा दिया गया था
इसकी वजह से 15 दिन पहले यह लोग गांव में ही बाहर की ओर स्थित मकान में रहने आ गए थे। यहां रहने के दौरान भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। तब किसी तरह मामला शांत करा दिया गया था। घटना की वजह को लेकर अभी भी कोई स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है। दंपती का बेटा अर्जुन ऑटो चलाता है। पाली से शाहाबाद के बीच त्योहार के कारण सवारियों की भीड़ बढ़ी है।
ऑटो चलाकर आया बेटा, तो देखा घर के बाहर लगी भीड़
इसकी वजह से अर्जुन को भी ज्यादा काम रहता है। शनिवार सुबह सात बजे वह घर से निकला था। शाम को लगभग पौने छह बजे जब वह घर पहुंचा, तो उसके घर के बाहर भीड़ लगी थी। भीड़ देखकर पहले तो उसे कुछ समझ नहीं आया लेकिन इस बीच गांव के ही एक शख्स का फोन उसके मोबाइल पर पहुंचा, तब उसने बताया कि गांव में ही है। इसके बाद उसे पूरी घटना का पता चला।
नशे में घटना होने के बिंदु पर भी जांच
सीओ शाहाबाद संतोष सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह भी पता चला है कि लालपूत शराब का आदी था। यह आशंका भी है कि शराब के नशे में ही विवाद बढ़ा हो और फिर पूरी घटना हो गई। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।