शाहजहांपुर निवासी जिस युवक के अपहरण के आरोप में उसकी पत्नी समेत तीन ससुरालीजनों पर अपहरण का मामला दर्ज था, वह लखनऊ में एक बिल्डर के यहां काम कर रहा था। पुलिस की विवेचना में अहम सुराग मिलने पर युवक खुद ही बिलग्राम कोतवाली पहुंच गया और पूरी बात बताई। शाहजहांपुर जनपद के पुवायां निवासी नीरज कश्यप अलग अलग स्थानों पर बिल्डरों के यहां नौकरी करता था।
उसकी ससुराल बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के सदरपुर गांव में है। सात अक्तूबर को वह अपनी ससुराल पत्नी ललिता से मिलने के लिए आया था। पत्नी से लखनऊ चलने को कहा। पत्नी ने इनकार कर दिया तो नीरज अकेले ही लखनऊ चला गया। वह वापस अपने घर पुवायां न हीं पहुंचा, तो उसकी मां ऊषा देवी ने 11 अक्तूबर को अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। नीरज की पत्नी ललिता, सास संतोषी और ससुराल के ही राम प्रकाश के खिलाफ अपहरण कर शव गायब कर देने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
कोतवाल उमाकांत दीपक के मुताबिक युवक लखनऊ में एक बिल्डर के यहां काम कर रहा था। उसके पास मोबाइल फोन नहीं था और इस वजह से वह अपनी मां व ससुरालीजनों को भी कोई सूचना नहीं दे पाया। जब पुलिस ने उसकी तलाश में लखनऊ में दो तीन जगह पूछताछ की तो उसे पता चला और इस पर वह पुलिस से संपर्क कर आ गया। नीरज के सकुशल मिलने से पुलिस के साथ साथ मुकदमे के आरोपियों ने भी राहत की सांस ली है।