अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) संजीव कुमार सिंह की अदालत ने भाई की हत्या में पिता और उसके तीन बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 26 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। 21 दिसंबर 2017 में मुकदमे की रंजिश में कत्ल किया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार बाजपेई ने पैरवी की। शासकीय अधिवक्ता के अनुसार 21 दिसंबर 2017 को शाहाबाद थाना क्षेत्र के गढ़ी चांद निवासी आमिर खान पुत्र लईक खां शाम चार बजे बाजार से घर आया था।
दरवाजे पर पहले से घात लगाए बैठे जर्रार पुत्र लईक खां व उसके तीन बेटे अजबर, अफसर, लबी ने लाठी-डंडों से अपने भाई आमिर पर हमला कर दिया था। पत्नी महरूनिशां व अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर आमिर को बचाया।
मौके पर्र आइं चोटों से आमिर की मौत हो गई थी। घटना के पीछे की वजह मुकदमे की रंजिश थी। मेहरून्निशा ने घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। अदालत ने भाई की हत्या में जर्रार पुत्र लईक और उसके तीनों पुत्रों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।