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पुलिस ने बरामद किया था दो करोड़ का छुहारा, व्यापारी बोले आईजी साहब, कीड़ों से बचाना अपराध है क्या

Thu, 03 Sep 2020 10:29 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पुलिस ने बरामद किया था दो करोड़ का छुहारा - फोटो : अमर उजाल ा
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कानपुर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर से भारी मात्रा में विषाक्त छुहारा पकड़ने की पुलिस की कार्रवाई पर व्यापारियों ने सवाल उठाए हैं। बुधवार को आईजी से मिलकर किराना मर्चेंट एसोसिएशन ने बताया कि छुहारा को कीटों से बचाने के लिए गंधक और कोयले का इस्तेमाल किया जाता है, जो गैरकानूनी नहीं है।
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पुलिस ने बगैर जाने समझे कार्रवाई की है। आरोपी बनाए गए व्यापारियों को न्याय न मिला तो किराना बाजार बंद किया जाएगा। इस पर आईजी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने शनिवार को छापा मारकर भारी मात्रा में छुहारा पकड़ा था। दावा किया था कि गलत तरीके से छुहारे तैयार किए जा रहे हैं।

मौके से फैक्टरी मालिक मिनाल गुप्ता को पकड़ा था, जबकि पिता सत्यप्रकाश को फरार बताया था। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मिनाल अस्पताल में भर्ती है। इस मामले में किराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार बाजपेई ने आईजी को बताया कि फूड सेफ्टी एक्ट के तहत छुहारे को स्टोर करते वक्त उन्हें कीटों से बचाने के लिए गंधक और कोयले का धुआं दिया जाता है।
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इससे छुहारों में लगने वाले कीट मर जाते हैं, लेकिन इसका मानव शरीर पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। पुलिस ने फैक्टरी मालिक मिनाल गुप्ता और उनके पिता सत्यप्रकाश के खिलाफ फर्जी कार्रवाई कर दी। पुलिस को खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी की मदद से छुहारे की जांच करानी चाहिए थी। जांच में फेल होने पर कार्रवाई कर सकती थी। इस पर आईजी मोहित अग्रवाल ने जांच कराने का आश्वासन देकर स्वाट टीम को फटकार भी लगाई।  इस दौरान मनोज अग्रवाल, अरविंद गुप्ता, अनूप झमतानी, विनोद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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