कछौना नगर में सराफा दुकान में चोरी की घटना को शाहजहांपुर के पंखिया गिरोह ने अंजाम दिया था। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने गिरोह के चार लोगाें समेत चोरी के जेवर खरीदने वाले सराफ को भी गिरफ्तार कर लिया है। अभी गिरोह के पांच लोगों की तलाश पुलिस कर रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से चार किलो चांदी के जेवर और साढ़े सात ग्राम सोना भी बरामद हुआ है। चोरी के जेवर चोर आधे दामों में बेच देते थे।
कछौना के बाजारपूर्वी निवासी विशाल गुप्ता की ज्वैलरी शॉप कछौना में है। चार जनवरी की रात दुकान में चोरी हुई थी। विशाल गुप्ता ने दावा किया था कि लगभग 50 लाख रुपये के जेवर चोरी हुए। एसपी नीरज जादौन ने तीन टीमें गठित की थीं।अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि पुलिस ने शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र के मिलकिया गांव निवासी अमरपाल और हरपाल, बलरामपुर निवासी मंगल, सिधौली थाना क्षेत्र के रावतपुर गांव निवासी राज कपूर को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दिया था।
इन चोरों के हिस्से में जो जेवर आए थे उन्हें मऊ जनपद के मुंशीपुरा मोहल्ला निवासी सत्यम वर्मा की सराफ की दुकान पर बेच दिया था। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोरों के पास से चार किलो चांदी के जेवर और 7.5 ग्राम सोना बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले लोग पंखिया गिरोह के सदस्य हैं।
मंगल पर आठ तो हरपाल पर चार मामले हैं दर्ज
बलरामपुर निवासी मंगल के खिलाफ बलिया में आठ मामले दर्ज हैं। रसड़ा, भीमपुरा, खेजुरी में एक एक और उभाव में पांच मामले दर्ज हैं। इसी तरह मिलकिया निवासी हरपाल के खिलाफ अमेठी जनपद के जगदीशपुर थाने में दो, उन्नाव जनपद के सेहरामऊ थाने में एक और लखनऊ ग्रामीण के सरोजनी नगर थाने में एक मामला दर्ज है।
एक जनवरी से ही की जा रही थी रेकी
घटना के दौरान चोर सराफ की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के डीबीआर को उखाड़ ले गए थे। डीबीआर को एक तालाब में फेंक दिया था। तालाब में डीबीआर बरामद हुआ था, लेकिन काफी मशक्कत के बाद सिर्फ नौ सैकेंड का वीडियो फुटेज मिल पाया था। इसके बाद पुलिस ने आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। इस दौरान पुलिस को एक संदिग्ध की तस्वीर मिली थी। इस तस्वीर के आधार पर पुलिस ने अपनी टीमें आसपास के कई जनपदों के अलग अलग गांवों में भेजी थीं। इसके बाद पुलिस ने उस शख्स को पकड़ लिया था। तब पता चला कि वह 1500 रुपये रोज पर रेकी कर रहा था। कछौना में चटाई बेचने के लिए निकलता था। एक जनवरी से ही वह रेकी कर रहा था।
न सीधा रास्ता चलते और न मोबाइल चलाते पंखिया गिरोह के लोग
पंखिया गिरोह के सदस्य बेहद शातिर होते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि गिरोह के सदस्य कभी सीधे रास्तों से नहीं चलते हैं। मतलब यह कि यह हमेशा पगडंडियों, खेतों और बागों के जरिए चोरी के लिए दुकान और मकान चिंहित करते हैं। दुकानों के पिछले इलाकों से ही घटना को अंजाम देने जाते हैं और फिर पिछले रास्तों से ही भाग निकलते हैं। कछौना की घटना को अंजाम देने के लिए गिरोह लखनऊ से ट्रेन से कछौना आया था और वापसी में पैदल भागकर टेंपो से संडीला और फिर ट्रेन के जरिए लखनऊ चला गया था। यह लोग मोबाइल भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। घटना के दौरान शटर उठाकर ही अंदर घुसते हैं और सीसीटीवी कैमरे का डीबीआर उखाड़ ले जाते हैं।