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Hardoi: कर्ज उतारने के लिए चुराई थीं राम-सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां

Sat, 15 Feb 2025 11:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

Hardoi News: सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने साथियों के साथ मिलकर प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर में चोरी की थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए मूर्तियां, पीतल के 26 घंटे, मूर्तियों का आसन और बाइकें बरामद की हैं।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सांडी थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव में स्थित प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर से चोरी हुईं राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां पुलिस ने बरामद कर ली हैं। सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने लगभग 70-80 लाख रुपये का कर्ज उतारने के लिए अपने दो साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गईं दो बाइक, पीतल के 26 घंटे और घंटियां व मूर्तियों का एक आसन भी बरामद हुआ है। खुलासा करने वाली टीम काे एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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बरौलिया गांव में बिल्हौर कटरा मार्ग पर प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर है। बीती नौ फरवरी की रात मंदिर से राम, सीता और लक्ष्मण की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। इन मूर्तियों का एक आसन और कुछ घंटे भी चोरी हुए थे। घटना से नाराज ग्रामीणों ने बिल्हौर कटरा मार्ग पर जाम लगा दिया था। ग्रामीणों में घटना को लेकर खासा आक्रोश था।
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एसपी नीरज जादौन ने अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र को घटना का खुलासा करने के लिए लगाया था। एसपी नीरज जादौन ने शनिवार को बताया कि माधौगंज थाना क्षेत्र के खंधेरिया खंजानपुर निवासी शरद कुमार, रुकनापुर निवासी शिवजीत कुमार और बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के रहुला निवासी गरुण ने घटना को अंजाम दिया था। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एसपी ने बताया कि शरद कुमार सिंचाई विभाग में ठेकेदारी करता है। उस पर 70-80 लाख रुपये कर्ज हो गया था। मूर्तियां बेचकर मिलने वाले रुपयों से वह कर्जा उतारना चाहता था। इसी वजह से साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। एसपी ने बताया कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगवाए जाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
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मूर्तियां देखीं, इंटरनेट पर खोजी कीमत, बेचने पहुंचे सिधौली तो पीतल की निकलीं
पुलिस का दावा है कि पूरी घटना का सूत्रधार शरद ही है। कर्ज उतारने के लिए उसने मूर्तियों के बारे में जानकारी ली। मंदिर के सुनसान जगह पर होने के कारण उसे यह जगह सटीक लगी। घटना से कुछ दिन पहले उसने मूर्तियां देखीं। इनकी फोटो खींची। सोशल मीडिया पर विभिन्न सर्चिंग साइट्स पर अष्टधातु की मूर्तियों की कीमत खोजी। कीमत का अंदाज होने पर अपने साथियों को तैयार किया। निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे से दो बाइकों से गांव तक पहुंचे। मूर्तियां चोरी कर शरद ने अपने घर में बक्से में सुरक्षित रख ली थीं। इन्हें बेचने के लिए सीतापुर के सिधौली में एक सराफ के पास गए थे। सराफ ने मूर्तियां देखने के बाद बताया कि यह पीतल की मूर्तियां हैं। इस पर शरद वापस घर पहुंचा और मूर्तियां रख लीं। इस बीच पुलिस को सुराग मिले और फिर गिरफ्तारी हो गई।

जाम लगाने वालों ने लगाए जिंदाबाद के नारे
मूर्तियां बरामद होने और चोर पकड़े जाने पर शुक्रवार देर रात एसपी नीरज जादौन और एएसपी पूर्वी नृपेंद्र सांडी थाना पहुंचे। यहां ग्रामीणों को बुलवाकर चोरी हुई मूर्तियों की पहचान कराई गई। मूर्तियां देख ग्रामीण गदगद हो गए। जिन ग्रामीणों ने घटना के बाद बिल्हौर-कटरा मार्ग पर जाम लगाया था वही ग्रामीण पुलिस, एसपी और एएसपी पूर्वी की जिंदाबाद करते नजर आए।
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