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UP: 1380 भूमिहीनों से डेढ़ लाख क्विंटल धान की सरकारी खरीद, गोपनीय शिकायत पर हुआ खुलासा…डीएम की बड़ी कार्रवाई

Tue, 20 Jan 2026 05:01 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

Hardoi News: हरदोई में 1380 फर्जी किसानों से डेढ़ लाख क्विंटल धान खरीद के मामले में डीएम ने  आठ लेखपालों एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही, दो चकबंदी अधिकारियों के निलंबन की संस्तुति की है।
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धान खरीदी केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरदोई जिले में 1380 फर्जी किसानों से डेढ़ लाख क्विंटल से ज्यादा धान की खरीद सरकारी केंद्रों पर कर ली गई। गोपनीय जांच में पता चला कि किसानों ने जिस जमीन को अपना बताकर फसल बेची, वह जमीन उनके नाम है ही नहीं। जिलाधिकारी अनुनय झा ने किसानों की जमीन का सत्यापन करने वाले चकबंदी विभाग के आठ लेखपालों पर विभागीय कार्रवाई कर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

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संडीला तहसील में तैनात एक प्राइवेट ऑपरेटर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश डीएम ने दिए हैं। दो चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजने के निर्देश उपसंचालक चकबंदी को दिए हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद होती है। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। संबंधित क्षेत्र का लेखपाल सत्यापन के बाद ऑनलाइन रिपोर्ट लगाता है।

उपसंचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी से मामले की जांच कराई
लेखपाल की रिपोर्ट के बाद उपजिलाधिकारी या चकबंदी अधिकारी इसे सत्यापित करते हैं। इसी सत्यापन के आधार पर सरकारी क्रय केंद्र के कर्मचारी धान की खरीद कर लेते हैं। बीते दिनों रोहापार निवासी संजीव गुप्ता ने गोपनीय शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें संडीला और शाहाबाद तहसील के कुछ गांवों में किसानों का फर्जी सत्यापन कर धान खरीद करने का आरोप था। मामले में उपसंचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराई।

संडीला के छह व शाहाबाद के पांच गांवों में फर्जी सत्यापन
जांच में पता चला कि संडीला तहसील क्षेत्र के छह गांवों और शाहाबाद तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में किसानों का फर्जी सत्यापन कर धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच दिया गया। कुल 11 गांवों के 1380 किसानों के फर्जी सत्यापन से 1,50,061 क्विंटल धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा गया। संडीला तहसील के टिकारी, जाजूपुर, मलेहरा, रसूलपुर आंट, भीखपुर एमा, भटपुर के किसान दर्शाकर फर्जी सत्यापन किया गया। इसी तरह शाहाबाद तहसील के राभा, दत्योनापुर, महमूदपुर सरैंया, वाजिदनगर, अंदा इब्राहिमपुर के किसानों को दर्शाकर भी फर्जी सत्यापन किया गया।

लेखपालों के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी
जिलाधिकारी अनुनय झा ने संबंधित लेखपालों टिकारी, जाजूपुर और मलेहरा के धर्मेंद्र चौधरी, रसूलपुर आंट की अंकिता श्रीवास्तव, भीखपुर एमा के अनिल कुमार, भटपुर के अंकुर मलिक, महमूदपुर सरैंया और दत्योनापुर के अंकित, राभाके रोहित राठी, वाजिदनगर के सचिन कुमार और अंदा इब्राहिमपुर के कौशलेंद्र कुमार पर विभागीय कार्रवाई कर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर को भी दोषी ठहराया था
संबंधित लेखपालों के सत्यापन को अपनी आईडी से लॉक कराने वाले संडीला के चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार सिंह और शाहाबाद के चकबंदी अधिकारी हरिशंकर यादव के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए शासकीय पत्र शासन को भेजने के आदेश भी डीएम ने दिए हैं। उपसंचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी ने पूरे मामले में संडीला तहसील के प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार को भी दोषी ठहराया था। डीएम ने ऑपरेटर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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पांच चकबंदी लेखपाल पहले से ही चल रहे निलंबित
जिलाधिकारी अनुनय झा ने आठ लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इनमें से धान खरीद में गलत सत्यापन पर चार लेखपालों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। एक लेखपाल को मक्का खरीद में गलत सत्यापन करने पर पहले ही निलंबित किया जा चुका है। मक्का खरीद में गलत सत्यापन करने वाले धर्मेंद्र चौधरी के खिलाफ अतरौली थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है।
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