उपसंचालक चकबंदी (डीडीसी) और बंदोबस्त अधिकारी (एसओसी) समेत आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। चकबंदी के दौरान पुरखों का खेत बदले जाने से आहत होकर युवक ने 20 दिसंबर को खुदकुशी कर ली थी। खुदकुशी करने से पहले उसने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। हालांकि, वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।
काेतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी कल्लू ने पुलिस में शिकायत की। कल्लू का आरोप है कि चकबंदी के दौरान कानूनगो वीरपाल, बंदोबस्त अधिकारी पीसी उत्तम और उपसंचालक चकबंदी ज्ञानेश त्रिपाठी ने खेत यथावत रखने के लिए 50 हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर अधिकारियों ने उसका पैतृक खेत गांव के ही तेजराम काे दे दिया। उसे दूसरी जगह खेत देने की बात कही।
उक्त खेत में कल्लू के पुरखों की समाधि होने का दावा किया। कल्लू के पुत्र राज कुमार उर्फ राजू ने खेत बदले जाने का विरोध किया। इस पर 19 दिसंबर को गांव के तेजराम, रामकृष्ण, पप्पू, विश्वनाथ और रामवीर ने उसकी पिटाई कर दी। इसको लेकर राज कुमार ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। 20 दिसंबर की सुबह उसका शव गांव के बाहर खेत में फंदे से लटका मिला। शनिवार को कल्लू की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि उपसंचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी, लेखपाल समेत आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।