सांडी नगर के मोहल्ला खिड़किया में घनी आबादी के बीच मकान की पहली मंजिल पर रखे पटाखों में बृहस्पतिवार शाम विस्फोट हो गया। घटना में आतिशबाज की पत्नी और छोटे भाई की पत्नी की झुलस गईं। दाेनों को सांडी सीएचसी से हरदोई मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। आतिशबाज के पास कब्रिस्तान रोड पर स्थित दुकान में पटाखे भंडारित करने का लाइसेंस है लेकिन उसने मकान में भंडारण कर रखा था।
मोहल्ला खिड़किया निवासी दिलशाद के पास 25 पॉण्ड बारूद के पटाखों को भंडारित करने और बेचने का लाइसेंस है। इन दिनों सहालग चल रही हैं। सहालग में आतिशबाजी भी खूब की जाती है। इसके कारण पटाखों की मांग भी ज्यादा है। बृहस्पतिवार की दोपहर दिलशाद की पत्नी साजिया (48) और उसकी देवरानी रूबिया (35) मकान की पहली मंजिल पर थीं। इसी दौरान यहां तेज आवाज के साथ विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पता चला कि दिलशाद के मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में बड़े पैमाने पर पटाखे रखे हुए थे। इन्हीं में किसी तरह आग लग गई और विस्फोट हो गया। इस घटना में दिलशाद का मकान क्षतिग्रस्त हो गया और साजिया व रूबिया झुलस गईं। दोनों महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांडी पहुंचाया गया।यहांदोनों को हरदोई मेडिकल कॉलेज फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम, सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह और प्रभारी निरीक्षक वसंतराम मौके पर पहुंचे। सीओ रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि दिलशाद के पास कब्रिस्तान रोड पर स्थित दुकान में पटाखे भंडारित करने का लाइसेंस है। लाइसेंस की शर्ताें के विपरीत उसने घर में पटाखे भंडारित कर रखे थे। विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
14 साल पहले हुए विस्फोट में हुई थी चार की मौत
अब से तकरीबन 14 साल पहले वर्ष 2012 में भी खिड़किया के इसी मकान में पटाखे बनाते समय विस्फोट हुआ था। तब घटना में बीबी नगमा और मुस्लाम, पड़ोसी वासिदा और रुकसाना की मौत हो गई थी। दिवाली से पहले हुई इस घटना के बाद भी न तो परिजनों ने कोई सबक लिया और न ही पुलिस और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने। 14 साल पहले हुई घटना के बाद भी घनी आबादी के बीच आतिशबाजी बनाने का काम लगातार जारी रहा। इसका नतीजा भी बृहस्पतिवार शाम बेहद खराब नजर आया।
कस्बा चौकी प्रभारी श्याम बाबू की शिकायत पर दिलशाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। लाइसेंस की शर्ताें के विपरीत भंडारण करने की धाराओं में मामला दर्ज हो रहा है। इसके अलावा लाइसेंस की शर्ताें का उल्लंघन करने के कारण लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की जा रही है।
- रवि प्रकाश सिंह, सीओ बिलग्राम
दिवाली आती है तभी जागता है पुलिस-प्रशासन
पटाखे बनाने और बेचने वालों की जांच का अभियान महज दिवाली के समय ही चलता है। न तो इसके पहले और न ही इसके बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच का कोई अभियान चलाया जाता है। यह हाल तब है जब जिम्मेदार जानते हैं कि सहालग में भी खूब आतिशबाजी होती है। आतिशबाज बड़ी संख्या में पटाखे बनाते हैं लेकिन पिछले चार माह से पुलिस और प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने इसकी जांच नहीं की।