जामुन के पेड़ से लटका मिला शव
गांव निवासी खुशीराम की पत्नी सरोजनी (28) से जनवेश का प्रेम प्रसंग था। दावा है कि जनवेश बृहस्पतिवार रात आठ बजे घर से निकला था। इसके बाद उसका कई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने घर से लगभग दो सौ मीटर दूर सरोज के खेत में जामुन के पेड़ पर रस्सी के फंदे से जनवेश का शव लटकता देख परिजनों को सूचना दी।
गूलर के पेड़ पर लटका था सरोजनी का शव
घटनास्थल से लगभग पांच सौ मीटर दूर लगभग एक घंटा बाद सरोजनी का शव गूलर के पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटकता मिला। दोनों घटनाओं की जानकारी पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई और पुलिस को सूचना दी गई। अरवल थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
बृहस्पतिवार रात जनवेश को बुलाया था
घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। पूरे मामले में मृतक के भाई पिंटू ने आरोप लगाया है कि सरोजनी ने बृहस्पतिवार रात जनवेश को बुलाया था और इसके बाद उसका शव फंदे पर लटकता मिला। सरोजनी की सास बिटोली का आरोप है कि जनवेश का शव मिलने के बाद शुक्रवार सुबह पिंटू उनके घर पर आया और घटना को लेकर जमकर गाली गलौज की।
नजदीकियां होने की बात परिजनों ने बताई
आरोप है कि इसके बाद सरोजनी घर से निकल गई और उसने फंदा लगाकर जान दे दी। सीओ प्रवीण यादव ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजन एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन प्राथमिक जांच में इतना स्पष्ट है कि दोनों ने फंदा लगाकर खुदकुशी की है। दोनों के बीच नजदीकियां होने की बात परिजनों ने बताई है। खुदकुशी किए जाने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
खुदकुशी से पहले जनवेश ने लगाई थी स्टोरी
खुदकशी करने से पहले जनवेश ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर एक स्टोरी लगाई थी। अपनी फोटो के साथ उसने चिट्ठी न कोई संदेश जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए... गाना लगाया था। इसकी जानकारी जनवेश के दोस्तों ने पुलिस को दी। पुलिस ने जब सोशल मीडिया एकाउंट देखा, तो इसकी पुष्टि भी हो गई। जनवेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
खुशीराम की तीसरी पत्नी थी सरोजनी
सरेाजनी का पति खुशीराम कानपुर में प्राइवेट नौकरी करता है। गांव निवासी सरोजनी उसकी तीसरी पत्नी थी। सरोजनी का मायका भी इसी गांव में ही है। खुशीराम की पूर्व की दोनों शादियां सरोजनी की बड़ी बहनों से हुई थी।
पहले की पत्नियों ने भी की थी खुदकुशी
तीन तीन साल के अंतराल पर खुशीराम की दोनों पत्नियों यानी सरोजनी की बड़ी बहनों ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। अब सरोजनी ने भी फंदा लगाकर जान दे दी। खुशीराम की तीनों शादियों से कोई संतान नहीं है। गांव में तीन मौतों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।