राहुल के पिता रामलाल ने अपनी बड़ी बहू आशा के खिलाफ हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। सर्विलांस के जरिए पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले और पता चला कि सुरसा थाना क्षेत्र के सेदनखेड़ा निवासी अर्जुनलाल से राहुल की भाभी आशा की नजदीकियां थीं। इन नजदीकियों का पता आशा के ससुरालीजनों को चल गया था। यही वजह थी कि आशा को उसके पति ने हयातनगर स्थित घर भेज दिया था। इसके बावजूद आशा और अर्जुन के बीच नजदीकियां बनी रहीं। सात सितंबर को अर्जुन और आशा मक्के के खेत में एक-दूसरे के साथ थे। इसी दौरान आशा को खोजते हुए उसका देवर राहुल वहां पहुंच गया। राहुल ने दोनों को साथ देख लिया। इस पर अर्जुन और आशा ने मिलकर राहुल को मक्के के खेत में गिरा लिया और गला दबाकर हत्या कर दी। एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि आशा और अर्जुन लाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
सास से कहकर निकली थी आशा अब नहीं लौटूंगी
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि आशा घटना के दिन अपनी सास से झगड़ने के बाद घर से निकली थी। उसने सास से कहा था कि अब वापस नहीं लौटूंगी। इस पर कुछ देर बाद राहुल को आशा की तलाश करने भेजा गया था। तलाश करते हुए राहुल मक्के के खेत में पहुंचा था और वहीं घटना घट गई। दरअसल, आशा का पति विपिन लुधियाना में काम करता है। दो साल पहले आशा भी लुधियाना में साथ ही रहती थी। पुलिस का दावा है कि अर्जुन भी लुधियाना में काम करता था और वहीं उसकी नजदीकियां आशा से हो गईं। इसकी जानकारी विपिन को हुई तो वह खुद भी बैंगलोर में काम करने लगा ओर वहां भी जब आशा लगातार फोन पर बात करती नजर आई तो उसे गांव भेज दिया था। हालांकि, आशा का मायका और अर्जुन का ननिहाल एक ही गांव में होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। यह भी पता चला है कि शादी से पहले से ही आशा की नजदीकियां अर्जुन से थीं।