शॉपिंग मॉल्स, शोरूम लोगों से ठसाठस भरे रहे। हमेशा की तरह सबसे ज्यादा
सोने, चांदी की खरीदारी हुई। इसमें भी शगुन के नाम पर चांदी के सिक्के और
नोट लोगों की पहली पसंद बने। बाकी लोगों ने जरूरत के मुताबिक खरीदारी की।
अनुमान के मुताबिक, पिछली बार की अपेक्षा इस बार डेढ़ गुना अधिक सोने की,
चांदी की चार गुना अधिक बिक्री हुई है।
आम तौर पर सुबह 11 बजे तक खुलने वाले बाजार धनतेरस पर सुबह नौ बजे से ही आबाद थे। पिछली बार की अपेक्षा इस बार खरीदारों ने भी निराश नहीं किया। यहां सोना, चांदी, हीरे के जेवर, गिन्नी और चांदी के सिक्के खूब खरीदे गए।
धनतेरस पर शहरियों ने ऑडी, मारुति, हुंडई, शेवरले, महिंद्रा, हीरो हांडा, टीवीएस आदि के शोरूम में खूब खरीदारी की। इसके अलावा लोगों ने जरूरत के मुताबिक या फिर काम धंधा शुरू करने के लिए ट्रैक्टर आटो व थ्री व्हीलर आदि की भी खरीदारी की। बहुत से लोगों ने नई बस और ट्रक भी खरीदे। जानकारों के मुताबिक वाहनों का बाजार करीब 300 करोड़ रुपये के आसपास रहा।